बाबा सुखा सिंह जी के मार्गदर्शन में इंटरनेशनल सिख फोरम, एक ओंकार मीडिया और ग्लोबल सिख्स चैरिटी ने उठाया कदम
करनाल। राजेंद्र कैम | The India Speaks
पंजाब में आई भीषण बाढ़ से तबाही का मंजर है। खेत बर्बाद हो चुके हैं, सैकड़ों गांव जलमग्न हैं और हजारों लोग बेघर होकर कैंपों में शरण लेने को मजबूर हैं। इस कठिन घड़ी में इंटरनेशनल सिख फोरम और एक ओंकार मीडिया ने बाबा सुखा सिंह जी के मार्गदर्शन में डेरा कार सेवा में राहत सामग्री इकट्ठा करने का केंद्र शुरू किया है।
बाबा सुखा सिंह जी ने संगत से अपील की कि वे पंजाब के इस दर्द को अपना समझें और बाढ़ पीड़ितों के लिए आगे आकर मदद करें। उन्होंने कहा—
“आज जरूरत रोजमर्रा के सामान की है और कल जरूरत तबाह हुए खेतों के लिए बीज, खाद, डीएपी और डीजल जैसी वस्तुओं की होगी।”
40 वर्षों की सबसे भयानक बाढ़”—प्रीतपाल सिंह पन्नू
इंटरनेशनल सिख फोरम के महासचिव और एक ओंकार मीडिया के निदेशक प्रीतपाल सिंह पन्नू ने कहा कि यह बाढ़ 40 वर्षों में सबसे भयानक है।
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चार लाख एकड़ से ज्यादा फसल पूरी तरह बर्बाद।
1500 से अधिक गांव डूबे।
लगभग 30 लोगों की मौत।
हजारों पशु बह गए या मर गए।
उन्होंने कहा कि अब तक केवल हरियाणा सरकार ने पाँच करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की है, जबकि केंद्र और अन्य राज्यों की ओर से कोई पैकेज सामने नहीं आया है।
समाज का कर्तव्य, क्या दान करें?
संगठनों ने अपील की है कि खाने-पीने की वस्तुओं के साथ यह सामग्री भी दी जाए—
चावल, दालें, पैक्ड पानी
तिरपाल, गद्दे, चादर, मच्छरदानी
ओडोमॉस, ब्लीचिंग पाउडर, सेनेटरी पैड
ORS पैकेट और बुखार, सिरदर्द, इन्फेक्शन की दवाइयाँ
सामग्री गाँव-गाँव जाकर असली ज़रूरतमंदों तक पहुँचाई जाएगी।
संगठनों और समाजसेवियों का सहयोग
ग्लोबल सिख्स चैरिटी के हरमन सिंह और टीम जिम्मेदारी निभाएंगे।
प्रवेश गाबा (विर्क अस्पताल) ने दवाइयों की किट उपलब्ध कराने का ऐलान किया।
पूर्व सरपंच सतिंदर सिंह चट्ठा ने ORS पैकेट और सहयोग की घोषणा की।
डेरा कार सेवा से गुरसेवक सिंह, जिला प्रधान पंजाब सिंह निसिंग, गुरमीत सिंह कलेर, मनिंदर सिंह बब्बू और शमशेर सिंह भी मौजूद रहे।
सवाल उठाता पंजाब: सरकार कब जागेगी?
जहाँ सामाजिक और धार्मिक संगठन तुरंत राहत कार्य में जुट गए हैं, वहीं केंद्र और अन्य राज्य सरकारों की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है। बाढ़ की इस त्रासदी में पंजाब आज देश के हर हिस्से से मदद की उम्मीद कर रहा है।












