इंदौर। The India Speaks Desk
मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) में दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती दो नवजात बच्चियों को चूहों ने काट लिया, जिसके चलते दोनों की मृत्यु हो गई। दूसरी बच्ची की मौत इलाज के दौरान 3 सितंबर 2025 को हुई।
इस घटना पर जन स्वास्थ्य अभियान, मध्य प्रदेश ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) तथा राज्य मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया है।
मानकों के उल्लंघन का आरोप
जन स्वास्थ्य अभियान ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण (IPC), भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक (IPHS – 2022) और डब्ल्यूएचओ के एनआईसीयू सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ है। संगठन का कहना है कि स्वच्छता और सुरक्षा में घोर लापरवाही बरतने के कारण चूहों के काटने से हुए द्वितीयक संक्रमण ने नवजातों की जान ले ली।
संगठन की प्रमुख मांगे
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जन स्वास्थ्य अभियान, मध्य प्रदेश ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में निम्नलिखित मांगें रखी हैं—
- आगे ऐसी कोई मौत न हो, इसके लिए एनआईसीयू में भर्ती अन्य बच्चों की सुरक्षा पहले सुनिश्चित की जाए।
- इस पूरे मामले की गहराई से स्वतंत्र जांच हो।
- एमवायएच समेत राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण प्रक्रियाओं की फैक्ट-फाइंडिंग जांच कराई जाए।
- शिशु मृत्यु का कारण बनी लापरवाही के लिए सिर्फ निलंबन नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
- सभी एनआईसीयू, एसएनसीयू और आईसीयू में सख्त कीट नियंत्रण और IPC ऑडिट करवाकर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- सभी शिशु मौतों का मृत्यु ऑडिट प्रस्तुत किया जाए और उसे सार्वजनिक डोमेन में रखा जाए।
- प्रभावित परिवारों को उचित मुआवज़ा और पुनर्वास सहायता दी जाए।












