हरियाणा कमेटी और संगत सबसे अधिक प्रभावित जिला गोद लेने को तैयार | पंजाब पुलिस पर तानाशाही रवैये का आरोप
करनाल। राजेन्द्र कैम | The India Speaks
पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ से मची तबाही के बीच राहत कार्यों को लेकर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि पीड़ितों की सेवा के लिए ठोस सिस्टम बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिना किसी व्यवस्था के राहत कार्य अधूरे रहते हैं और करोड़ों रुपये का राशन भीगकर खराब हो जाता है।
“बाढ़ पीड़ितों तक सही मदद पहुंचाने के लिए चाहिए सिस्टम”
करनाल में डेरा कार सेवा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जत्थेदार झींडा ने कहा—
“पंजाब सरकार और एसजीपीसी को मिलकर राहत कार्यों के लिए सिस्टम बनाना होगा। सिस्टम न होने से करोड़ों का राशन खराब हो गया। पानी उतरने के बाद पीड़ितों को राशन के साथ दवाइयां, कपड़े और अन्य जरूरी वस्तुएं भी चाहिए होंगी।”
उन्होंने बताया कि हरियाणा कमेटी और यहां की संगत ने पंजाब के सबसे अधिक प्रभावित एक जिले को गोद लेने का प्रस्ताव रखा है और इस बारे में पंजाब सरकार व एसजीपीसी को पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया।
हरियाणा संगत ने शुरू की मदद
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झींडा ने कहा कि हरियाणा की संगत पहले ही सेवा के लिए आगे आ चुकी है।
घरौंडा क्षेत्र के आसपास के गांवों की संगत 100 क्विंटल गेहूं, आलू और प्याज लेकर पहुंची।
10 गुरुद्वारा साहिबान के संपर्क नंबर और एक रिलीफ फंड अकाउंट जारी कर दिया गया है।
राशन और अन्य सामग्री गुरुद्वारों में एकत्र कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जाएगी।
उन्होंने कहा—
“हरियाणा की संगत पंजाब को अपना बड़ा भाई मानकर पूरी निष्ठा से फर्ज निभा रही है। किसान यूनियन, पंचायतें और संस्थाएं भी सहयोग दे रही हैं।”
पंजाब पुलिस पर आरोप
जत्थेदार झींडा ने पंजाब पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह हरियाणा की शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा—
“पंजाब पुलिस लोकतंत्र में तानाशाही रवैया अपना रही है। हरियाणा कमेटी के सदस्य गुरनाम सिंह डबरी के परिजनों को परेशान किया जा रहा है।”
उन्होंने सवाल उठाया कि जब AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पर पुराना केस दर्ज था, तब उन्हें टिकट क्यों दी गई और जीतने के बाद सदस्यता क्यों रद्द नहीं की गई? अब जब पठानमाजरा बागी होकर सच सामने ला रहे हैं, तो पंजाब सरकार को पुराना केस याद आ गया।
उन्होंने आशंका जताई कि पठानमाजरा को “फर्जी मुठभेड़” का खतरा है, इसलिए वे हरियाणा में रह रहे हैं।












