जहां पैदल जाना मुश्किल वहां बना दिया मुक्तिधाम, सात साल से उपयोग ही नहीं
सनावद/खरगोन | आकाश बिर्ला , द इंडिया स्पीक्स
बड़वाह विधानसभा के ग्रामीण इलाकों में बने कई मुक्तिधाम अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गए हैं। इनमें से कई ऐसे स्थानों पर बनाए गए हैं, जहां पैदल पहुंचना भी मुश्किल है। वाहन तो दूर, लोग पैदल भी नहीं जा पाते। ग्राम पंचायत भूलगांव में करीब सात साल पहले एक मुक्तिधाम का निर्माण कराया गया था। इस पर 2 लाख 35 हजार रुपए खर्च हुए। इसके बावजूद अब तक वहां किसी का अंतिम संस्कार नहीं हुआ।
यह मुक्तिधाम गांव से करीब एक किमी दूर है। चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं। सफाई नहीं होती। रास्ता इतना खराब है कि वहां तक दोपहिया वाहन भी नहीं पहुंच सकते। ग्रामीणों ने बताया मुक्तिधाम पूरी तरह अनुपयोगी है। वहां जाने के लिए दो बार चितल नदी पार करनी पड़ती है। नदी में पानी गहरा रहता है। ऐसे में अंतिम यात्रा ले जाना नामुमकिन हो जाता है।
ग्रामीण नहीं करते उपयोग
भूलगांव व नीमखेड़ी चितल नदी के किनारे बसे हैं। दोनों गांवों की आबादी चार हजार से ज्यादा है। यहां के अधिकतर लोग किसान हैं। पंचायत की जिम्मेदारी है कि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं दे। लेकिन पंचायत ने मुक्तिधाम ऐसे स्थान पर बना दिया, जहां पहुंचना ही मुश्किल है।
📞 7772828778 | 7723024600
गांव के सहायक सचिव अरविंद प्रजापत ने बताया मुक्तिधाम का निर्माण करीब सात साल पहले हुआ था। अब ग्रामीण इसका उपयोग नहीं करते। सरपंच कड़वा अहिरवाल ने कहा यह निर्माण उनके कार्यकाल का नहीं है, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।












