बड़वाह। The India Speaks Desk
भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित देवी अहिल्या बाई वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को लेकर आदिवासी समाज और जयस संगठन का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को बड़वाह में आयोजित विशाल जनआक्रोश रैली में हजारों की संख्या में आदिवासी समाजजन जुटे और सरकार के खिलाफ गगनभेदी नारे लगाए।
राज्यपाल को सौंपा गया ज्ञापन
इस दौरान महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी बड़वाह को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि यदि यह सेंचुरी बनी तो इंदौर, देवास और खरगोन जिलों में बसे आदिवासी समाज जल-जंगल-जमीन से बेदखल हो जाएगा। यह संविधान के अनुच्छेद 21 और पांचवी अनुसूची के प्रावधानों के विपरीत होगा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया:
“वन्यजीव संरक्षण के नाम पर आदिवासियों को उनके पारंपरिक आवास और आजीविका से वंचित करना उचित नहीं। आदिवासी हमेशा से वन्यजीवों की रक्षा करते आए हैं। अभ्यारण्य के नाम पर विस्थापन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
कृषि मंडी से लेकर SDM कार्यालय तक गूंजे नारे
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जन आक्रोश रैली कृषि उपज मंडी बड़वाह से शुरू होकर मुख्य मार्गों से गुजरते हुए SDM कार्यालय पहुंची। पूरी रैली में “देवी अहिल्याबाई सेंचुरी निरस्त करो”, “आदिवासी देश का मालिक है”, “जल जंगल जमीन हमारा है”, “वन अधिनियम 2023 वापस लो” और “भारत देश हमारा है” जैसे नारों से शहर का वातावरण गूंज उठा।
SDM कार्यालय परिसर खचाखच भरा


रैली के समापन के दौरान जब समाजजन SDM कार्यालय पहुंचे तो परिसर हजारों की भीड़ से खचाखच भर गया। कार्यालय का हर कोना समाजजनों से भर गया था। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया। भीड़ में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी बड़ी संख्या में शामिल थे।
सरकार को दी एक माह की चेतावनी
जयस संगठन के नेताओं ने साफ कहा कि सरकार एक माह के भीतर देवी अहिल्या बाई सेंचुरी परियोजना को रद्द कर नोटिफिकेशन जारी करे, अन्यथा आदिवासी समाज किसान आंदोलन की तर्ज पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम करने के लिए बाध्य होगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।
प्रदेशभर से उमड़ा जनसैलाब
इस ऐतिहासिक रैली में खरगोन, खंडवा, देवास, इंदौर सहित पूरे प्रदेश से समाजजन शामिल हुए। रैली का नेतृत्व जयस संगठन ने किया। इसमें कैलाश बघेल, ललित रावत, राधे परिहार, राकेश अजनारे, चेतन मंडलोई, नानु डावर, संजय बामणिया, मनोज भूरिया, गोविंद बर्डे, तेजराम, इंदौर से उमेश डावर, प्रदीप मावी, जयमल सिंह चोपड़ा, देवास से ज्ञानसिंह अजनारे, नंदकिशोर मुझादे, सालाकराम मुझादे, राकेश मुझादे, मायाराम मंशारे, सरपंच संतोष अचले, बेड़ियां से जोगेंद्र पटेल, मंशाराम नागर, किशन दौड़वे, लखन आर्वे, गोरेलाल रावत सहित हजारों समाजजन मौजूद रहे।












