बड़वाह/ खरगोन । लोकेश कोचले/ द इंडिया स्पीक्स
मध्य प्रदेश के बड़वाह में जयंती माता मंदिर के पास स्थित वनमण्डल बड़वाह का नगर वन इन दिनों प्रकृति प्रेमियों और स्थानीय निवासियों के लिए एक उत्कृष्ट आकर्षण का केंद्र बन गया है। लगभग 33 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह हरा-भरा नगर वन, शहरी भागदौड़ से दूर, प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताने और पर्यावरण शिक्षा प्राप्त करने का एक बेहतरीन ठिकाना है। वन विभाग द्वारा विकसित यह स्थल, मनोरंजन और संरक्षण का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत करता है।
नगर वन के प्रमुख आकर्षण और सुविधाएँ


वनमंडल बड़वाह ने इस क्षेत्र को न केवल प्राकृतिक रूप से संरक्षित किया है, बल्कि यहाँ कई आकर्षक और उपयोगी विकास कार्य भी किए हैं:
- आकर्षक प्रवेश द्वार और पर्यावरण चेतना: नगर वन का मुख्य द्वार ही बेहद आकर्षक है, जिस पर ‘नगर वन बड़वाह‘ लिखा है। इसे वन्यजीवों की मनमोहक मूर्तियों से सजाया गया है, जो आगंतुकों को एक संरक्षित और सुंदर प्राकृतिक क्षेत्र में प्रवेश का आभास कराते हैं।
- ट्री हाउस: परिसर में एक ऊँचे पेड़ पर लोहे के प्लेटफार्म वाला एक ट्री हाउस स्थापित किया गया है। यह स्थान युवाओं और बच्चों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है, जहाँ से आसपास के घने जंगल और हरियाली का मनोरम दृश्य देखा जा सकता है।
- मनमोहक जल निकाय:
- यहां एक प्राकृतिक झरना और एक कमल कुंड है, जो पूरे वातावरण को शीतलता प्रदान करते हैं।
- वन के बीचों-बीच स्थापित रंगीन वाटर फाउंटेन (फव्वारा) सुंदरता में चार चांद लगाता है, खासकर शाम के समय यह दृश्य बहुत मनमोहक होता है।
- मनोरंजन और स्वास्थ्य:
- बच्चों के मनोरंजन के लिए पुराने टायरों से बना एक आकर्षक खेल ढाँचा (Play Structure) लगाया गया है।
- स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए प्राकृतिक वातावरण में ओपन जिम (Open Gym) की सुविधा भी प्रदान की गई है।
- आकर्षक पथ और विश्राम स्थल: हरी-भरी पहाड़ियों पर बने पत्थर के रास्ते, विश्राम के लिए डिज़ाइन की गई आकर्षक छतरी (Gazebo), और पत्थरों से बनी सीढ़ियाँ इसकी सुंदरता और पहुँच को बढ़ाते हैं।


जैव विविधता का शैक्षिक केंद्र: ज्ञानवर्धक पटल
इस नगर वन की सबसे बड़ी विशेषता इसका शैक्षिक महत्त्व है। वन मंडल ने इसे एक ‘आउटडोर म्यूजियम’ का रूप दिया है, जहाँ कई सूचना पटल लगाए गए हैं:
- वन्यजीवों का परिचय: आने वाले पर्यटकों को बाघ, शेर, तेंदुआ, सांभर, नीलगाय, और सियार जैसे स्थानीय वन्यप्राणियों को तस्वीरों और नाम के साथ पहचानने की जानकारी मिलती है।
- पक्षियों और सरीसृपों की दुनिया: वनमण्डल बड़वाह में पाए जाने वाले पक्षियों (Birds) और सरीसृपों (Reptiles) की विस्तृत जानकारी देने वाले विशेष बोर्ड भी लगाए गए हैं, जो आगंतुकों को क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता से परिचित कराते हैं।
- वनस्पति विज्ञान की पाठशाला: नगर वन केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि यह वनस्पति विज्ञान की खुली पाठशाला है। यहाँ नीम, पीपल, बाँस, और कई दुर्लभ स्थानीय प्रजातियों के वृक्षों को लगाकर संरक्षित किया गया है। प्रत्येक महत्वपूर्ण पौधे के पास उसका स्थानीय नाम, वैज्ञानिक नाम (Botanical Name) और अक्सर उसके औषधीय उपयोग या पारिस्थितिक तंत्र में उसकी भूमिका का उल्लेख होता है। यह जानकारी छात्रों और प्रकृति प्रेमियों के लिए ज्ञान का खजाना है।


विकास और पर्यटन की नई लहर
नगर वन का यह सुविचारित विकास बड़वाह शहर को हरियाली प्रदान करने के साथ-साथ जयंती माता मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी प्रकृति के साथ जुड़ने का एक शांत और सुंदर स्थान दे रहा है। वनमण्डल बड़वाह का यह प्रयास वास्तव में सराहनीय है, जो संरक्षण और पर्यटन को एक साथ बढ़ावा दे रहा है और नगर वन को शांत, सुंदर और ज्ञानवर्धक स्थल बनाता है।
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