चेन्नई: द इंडिया स्पीक्स
[30 सितंबर 2025]
तमिलनाडु के करूर में शनिवार (27 सितंबर) को अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) की रैली में हुई भीषण भगदड़ के बाद, राज्य में राजनीति और कानूनी कार्रवाई दोनों तेज़ हो गई हैं। इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या 41 तक पहुँच गई है।
जांच और गिरफ्तारी: TVK के दो नेता न्यायिक हिरासत में
घटना के तीन दिन बाद, पुलिस ने आयोजकों पर सख्ती दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
- दो गिरफ्तारियां: करूर पुलिस ने रैली के आयोजन में लापरवाही बरतने के आरोप में TVK के करूर पश्चिम जिला सचिव मथियाझगन और एक अन्य पदाधिकारी एमसी पॉन राज को गिरफ्तार किया है।
- न्यायिक हिरासत: आज (30 सितंबर) इन दोनों नेताओं को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 14 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
- SIT का गठन: मामले की गंभीरता को देखते हुए, जांच को तेज़ करने के लिए एक आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
विजय का पलटवार: ‘क्या CM बदला ले रहे हैं?’
कानूनी शिकंजे के बीच, TVK प्रमुख विजय ने आज एक वीडियो संदेश जारी कर पूरे मामले को राजनीतिक मोड़ दे दिया।
- सत्ता पर सवाल: विजय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया, लेकिन साथ ही अपनी पार्टी के नेताओं पर FIR दर्ज होने पर सीधे मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर निशाना साधा। उन्होंने तीखे शब्दों में पूछा, “क्या मुख्यमंत्री (स्टालिन) हमसे बदला लेने की कोशिश कर रहे हैं?”
- खुली चुनौती: विजय ने यह भी कहा कि लोग सब देख रहे हैं और “सच जल्द ही सामने आएगा।” उन्होंने मुख्यमंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वह किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
- पार्टी की मांग: दूसरी ओर, TVK ने मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया है और आरोप लगाया है कि यह भगदड़ पुलिस और सत्तारूढ़ पार्टी की “राजनीतिक साज़िश” थी। पार्टी ने मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है।
अफवाह फैलाने वालों पर भी पुलिस का एक्शन
जांच एजेंसियों ने केवल आयोजकों पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और अफवाहें फैलाने वालों पर भी सख्ती दिखाई है।
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- यूट्यूबर गिरफ्तार: चेन्नई पुलिस ने आज चर्चित तमिल यूट्यूबर फेलिक्स गेराल्ड को अफवाहें फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है, जिससे भगदड़ के बाद लोगों में दहशत फैली थी।
- सोशल मीडिया अकाउंट्स पर केस: पुलिस ने असत्यापित सामग्री साझा करने वाले 25 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी मामले दर्ज किए हैं।
उच्च स्तरीय जांच आयोगों का गठन
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच, दो प्रमुख जांच आयोगों का गठन किया गया है:
- राज्य सरकार: मुख्यमंत्री स्टालिन ने घटना की विस्तृत जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरुणा जगदीसन की अध्यक्षता में एक एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया है।
- NDA प्रतिनिधिमंडल: भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी त्रासदी के कारणों की जांच और पीड़ितों से मिलने के लिए सांसदों (जिसमें हेमा मालिनी भी शामिल थीं) के एक NDA प्रतिनिधिमंडल को करूर भेजा है।
इस त्रासदी ने एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों, विशेष रूप से अनियंत्रित भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।












