द इंडिया स्पीक्स, नेशनल डेस्क
नई दिल्ली, 02 अक्टूबर 2025। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक विशेष ₹100 का स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया। इस कार्यक्रम में, प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत’ के निर्माण में संघ की ऐतिहासिक और भावी भूमिका पर जोर दिया।
‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत पर जोर
शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आरएसएस ने हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत पर काम किया है। उन्होंने देश के विकास यात्रा में संघ के स्वयंसेवकों के निस्वार्थ योगदान की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के मिशन में, आरएसएस जैसे संगठनों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि संघ ने कई चुनौतियों के बावजूद कभी द्वेष या दुर्भावना नहीं दिखाई और लगातार राष्ट्र निर्माण के लिए काम किया।
सिक्के और टिकट का महत्व


जारी किया गया विशेष ₹100 का सिक्का और डाक टिकट संघ के 100 वर्षों के सामाजिक और सांस्कृतिक सफर को दर्शाता है। यह पहली बार है जब भारतीय मुद्रा पर ‘भारत माता’ के चित्र का चित्रण किया गया है, जो इस समारोह को एक विशेष प्रतीकात्मक महत्व देता है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
इस बीच, इस कार्यक्रम और विशेष सिक्का जारी करने के फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है।
📞 7772828778 | 7723024600
- कांग्रेस का सवाल: कांग्रेस ने पीएम मोदी को सरदार पटेल द्वारा आरएसएस पर की गई पुरानी टिप्पणियों की याद दिलाते हुए निशाना साधा है।
- सीजेआई की माँ ने बनाया किनारा: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ की माँ, कमला गवई ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिससे यह मामला और सुर्खियों में आ गया है।
बावजूद इसके, यह आयोजन आरएसएस के इतिहास में एक मील का पत्थर है और इसे देश के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटना के तौर पर देखा जा रहा है।












