उत्तरदायी शासन और जनभागीदारी का महाअभियान
खरगौन: द इंडिया स्पीक्स
जिले के 424 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में 2 अक्टूबर 2025 को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में ‘विलेज विजन प्लान 2030’ को ऐतिहासिक रूप से पारित कर दिया गया है। यह उपलब्धि ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के तहत आदि सेवा पर्व (17 सितंबर – 2 अक्टूबर 2025) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सेवा, समर्पण और संकल्प के माध्यम से विकसित भारत के मिशन को जनजातीय समुदायों तक पहुंचाना है।
यह अभियान विश्व के सबसे बड़े जमीनी स्तर के जनजातीय नेतृत्व मिशन के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसका औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के धार जिले से किया था।
जनभागीदारी से तैयार हुआ विजन
यह ‘विजन प्लान 2030’ केवल सरकारी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह एक ऐतिहासिक सहभागी प्रक्रिया का परिणाम है। आदि सेवा पर्व के दौरान, ट्रांसेक्ट वॉक (जमीनी निरीक्षण) और केंद्रित समूह चर्चाओं के माध्यम से समुदायों को सीधे विकास प्रक्रिया में शामिल किया गया।
- स्थानीय विकास संकेतकों का विश्लेषण जनभागीदारी से किया गया।
- विकसित भारत@2047 के लिए ग्राम-स्तरीय प्राथमिकताओं को तय किया गया।
आदि सेवा केंद्र: गाँव की समस्याओं का ‘सिंगल-विंडो’ समाधान
अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गाँव में एक ‘आदि सेवा केंद्र’ स्थापित किया गया है। यह केंद्र एकल-खिड़की नागरिक सेवा केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जो ग्राम-आधारित समस्याओं का समय पर समाधान करने में सहायक होगा। जनजातीय समुदायों को समुचित सूचना प्राप्त कर सशक्त बनाने के उद्देश्य से इन केंद्रों को गाँव की दीवारों पर लेखन (Wall Painting) के माध्यम से प्रचारित किया गया है।
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जमीनी स्तर पर नेतृत्व मॉडल का प्रशिक्षण
शासन की पुनर्कल्पना करते हुए, जमीनी स्तर पर एक मजबूत नेतृत्व मॉडल तैयार किया गया। इसके लिए जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर पर आवासीय प्रशिक्षण कार्यशालाएं (‘प्रोसेस लैब’) आयोजित की गईं। डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब का आयोजन 2 से 4 सितंबर 2025 तक किया गया, जबकि ब्लॉक प्रोसेस लैब 10 से 12 सितंबर 2025 तक आयोजित की गई।
इन प्रशिक्षणों में 671 मास्टर ट्रेनर्स के नेतृत्व में 2150 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, 512 वालंटियर और 299 युवाओं सहित कुल 16720 आदि कर्मयोगियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई। इसके अलावा, 1720 आदि साथी और 2742 आदि सहयोगी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मॉडल ने जनजातीय नागरिकों को शासन में समान भागीदार बनने का अवसर दिया है।
चार चरणों में पूर्ण हुई ग्राम सभा की तैयारी
अभियान के लक्ष्य की पूर्ति के लिए चार चरणों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया:
- प्रथम ग्राम सभा (17 सितंबर 2025): सामाजिक एवं संसाधन मानचित्रण का ढांचा तैयार किया गया।
- द्वितीय ग्राम सभा (24 सितंबर 2025): टोला वार समूह बनाकर ट्रांजैक्ट वॉक और मानचित्रण किया गया।
- तृतीय ग्राम सभा (27 सितंबर 2025): मानचित्रण से आए मुद्दों पर सामूहिक चर्चा और विजन प्लान का प्रारूप तैयार किया गया।
- चतुर्थ एवं अंतिम बैठक (02 अक्टूबर 2025): विलेज विजन प्लान 2030 को अंतिम रूप से पारित किया गया।
यह अभियान 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के एक लाख गाँवों और टोलों के 11 करोड़ नागरिकों को सम्मिलित करने वाला भारत सरकार द्वारा घोषित जनजातीय गौरव वर्ष (15 नवंबर 2024 से 15 नवंबर 2025) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।












