तहसील कार्यालय से 4 किमी और थाना से 3 किमी दूरी पर जारी अवैध खनन
करही खरगोन- प्रभु रंसोरे/ द इंडिया स्पीक्स
नियमो को ताक पर रखते हुए संदीप पिता मोहनलाल जायसवाल खुलेआम मुरुम खोद रहा है , लेकिन प्रशासन बेखबर है जानने कि बात तो ये है कि जहा पर मुरुम कि खुदाई हो रही वहा से तहसील कार्यालय मात्र 4 किलोमीटर और पुलिस थाना मात्र 3 किलोमीटर है वही यह् जानकारी पूर्व में उतखनन विभाग को खबरो के माध्यम से संज्ञान में है ,लेकिन फिर भी दबंगई से मुरुम खोद कर बेच रहा है वही जहा से मुरुम खुदाई कर रहा है वहा पर कही पेड़ो को भी उखाड़ फेका है ।
जब हमारे संवादाता ने परमिसन कि मांग कि तो संदीप जायसवाल खुला बोल रहा है हमे आगे से जैसा बोला गया है हम वैसा हि करेंगे जब हमारे प्रतिनिधि ने ऊपर वाले के नाम पूछा तो बताने से किया इंकार, यह बोल कर कि हमे खुदाई करने के लिए परमिसन कि जरूरत नही पड़ती है ,
क्या बोलता है उत्तखनन अधिनियम
मुरम एक लघु खनिज मानी जाती है।
➤ इसका मतलब है कि यह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है।
मुरम की खुदाई (खदाई) बिना अनुमति गैरकानूनी मानी जाएगी।
➤ इसके लिए खनिज विभाग से पट्टा या अनुमति पत्र लेना जरूरी है।
📞 7772828778 | 7723024600
संबंधित नियम:
मध्य प्रदेश लघु खनिज नियम, 1996 और
खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 बोलता है ,
उत्तखनन् अर्थात मिट्टी खुदाई या मुरुम खुदाई के लिए
जिला खनिज अधिकारी या कलेक्टर।
यदि ग्राम पंचायत क्षेत्र में मुरम निकाली जाती है, तो पंचायत को इसकी जानकारी और सहमति दी जाती है, लेकिन अनुमति खनिज विभाग से ही लेना पड़ेगी
यदि बिना अनुमति मुरम खनन करते पाये जाने पर डंदनीय अपराध है
मशीनरी और सामग्री जप्त की जा सकती है
जुर्माना और एफआईआर (धारा 379 आईपीसी – चोरी, और 21(5) खनिज अधिनियम के अंतर्गत दंड का प्रावधान है
अब देखना यह होगा कि उतखनन विभाग कोई कार्यवाही करते है या नही












