सवाईमाधोपुर से खंडार-श्योपुर रूट पर खुलेआम नियमों की उड़ रही धज्जियाँ
सवाईमाधोपुर। सत्यनारायण शर्मा | The India Speaks
राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन की अव्यवस्था लगातार बढ़ती जा रही है। सवाईमाधोपुर से खंडार और श्योपुर कला (मध्यप्रदेश) रूट की बसों में यात्रियों को छतों पर बैठे सफर करते देखना आम बात बन गया है। यह नजारा राज्य के परिवहन नियमों और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इन रूटों पर बसों की संख्या यात्रियों की तुलना में बहुत कम है, जिसके कारण लोग मजबूरी में बसों की छतों पर सफर करते हैं।
हालांकि, यह सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण यह सिलसिला लगातार जारी है।
🚨 पुलिस को सब पता, फिर भी मौन
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सवाईमाधोपुर-खंडार-श्योपुर रोड पर पुलिसकर्मी रोज़ाना ड्यूटी पर रहते हैं, लेकिन उनका ध्यान सिर्फ बिना हेलमेट वाले दुपहिया चालकों पर रहता है।
छतों पर बैठे यात्रियों और ओवरलोड बसों को वे अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
राजस्थान में बस हादसे आम हो चुके हैं —
हाल ही में जयपुर के शाहपुरा में एक बस हाइटेंशन लाइन की चपेट में आकर जलकर राख हो गई, वहीं पंद्रह दिन पहले जोधपुर के पास एक और बस हादसे में कई लोगों की जान चली गई।
इसके बावजूद न तो परिवहन विभाग सक्रिय हुआ, न पुलिस प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई की।
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सवाल वही — जिम्मेदार कौन?
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस स्थिति के पीछे बस संचालकों और प्रशासन के बीच मिलीभगत भी एक बड़ा कारण है।
सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में बार-बार इस मुद्दे को उठाया जा चुका है, परंतु “ढाक के तीन पात” जैसी स्थिति बनी हुई है।












