संगत ने श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व, कीर्तन, लंगर और आतिशबाजी से गूंज उठा बड़वाह
बड़वाह। लोकेश कोचले । The India Speaks Desk
श्री गुरु नानक देव साहेब जी के 556वें प्रकाश पर्व के अवसर पर बड़वाह सिक्ख संगत द्वारा विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह से ही गुरुद्वारा परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे वातावरण में “सतनाम श्री वाहेगुरु” का जयघोष गूंजता रहा।
इस अवसर पर सबसे पहले अखंड पाठ साहेब का समापन हुआ। इसके उपरांत स्थानीय जत्थे भाई साहेब भाई बुध सिंह जी के जत्थे ने गुरु नानक देव जी के गुणगान करते हुए मधुर कीर्तन प्रस्तुत किया।
दिल्ली से पधारे भाई साहेब भाई सहजदीप सिंह जी के जत्थे ने “कल तारण गुरु नानक आया”, “दर्शन देख जीवा गुर तेरा”, “अव्वल अल्लाह नूर उपाया” जैसे पवित्र शब्दों के माध्यम से गुरु जी की महिमा का वर्णन किया।
“गुरु नानक देव जी के उपदेश आज भी मानवता और एकता का संदेश देते हैं।”
— भाई साहेब भाई सहजदीप सिंह जी
समिति अध्यक्ष सरदार रविंदर सिंह भाटिया ने बताया कि पिछले 12 दिनों से जारी धार्मिक आयोजनों का आज विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के प्रमुख और श्रद्धालुओं ने लंगर प्रसाद ग्रहण किया।
समिति के सचिवद्वय मनप्रीत सिंह एवं सतविंदर सिंह ने बताया कि शाम को भी विशेष दीवान आयोजित किया गया, जिसमें बाबा बकाला साहेब से पधारे भाई साहेब लवजीत सिंह जी ने कीर्तन किया। कार्यक्रम का समापन आतिशबाजी और मिष्ठान वितरण के साथ हुआ।
श्रद्धा, सेवा और भक्ति से ओतप्रोत यह आयोजन नगरवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहा।












