चयनित ग्रामों के लिए बनेगा पांच वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट, आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
खरगोन। The India Speaks Desk
मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के तहत जिले की प्रत्येक विधानसभा से एक ग्राम का चयन किया गया है। इन चयनित गांवों को आगामी वर्षों में गौपालन, दुग्ध उत्पादन, प्राकृतिक कृषि, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और स्वरोजगार के क्षेत्र में आदर्श बनाया जाएगा।
खरगोन जिले से चयनित ग्राम हैं — टेमला (खरगोन), चोली (महेश्वर), बेड़िया (बड़वाह), सेगांव (भगवानपुरा), सेल्दा (भीकनगांव) और बोरावा (कसरावद)।
इन ग्रामों का चयन न्यूनतम 2000 की जनसंख्या और 500 से अधिक गौवंश के मापदंड पर किया गया है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री आकाश सिंह ने योजना के क्रियान्वयन को लेकर बैठक ली और निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर चयनित वृंदावन ग्रामों में उपलब्ध संसाधनों का सर्वे किया जाए और पांच वर्षीय विजन डाक्यूमेंट तैयार किया जाए।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि योजना धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो सके।
“विजन डाक्यूमेंट को अनुमोदन हेतु 15 दिसंबर तक प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।”
— आकाश सिंह, सीईओ जिला पंचायत खरगोन
अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राजेश शाक्य ने बताया कि चयनित वृंदावन ग्रामों में गौशाला, पशु चिकित्सालय, बायोगैस संयंत्र, दुग्ध कलेक्शन सेंटर, कृत्रिम गर्भाधान केंद्र, गौसमाधि स्थल जैसी अधोसंरचनाओं को विजन डाक्यूमेंट में शामिल किया जाएगा।
साथ ही प्राकृतिक खेती, ग्रामीण पर्यटन, लघु वनोपज उद्योग, फलोद्यान और कौशल आधारित आजीविका से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि ₹50 लाख तक की लागत वाले कार्य सीईओ और इससे अधिक लागत वाले कार्य कलेक्टर द्वारा स्वीकृत किए जाएंगे।
कई विभागों की सहभागिता से बनेगा समन्वित विकास मॉडल
बैठक में पशुपालन, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, शिक्षा, महिला बाल विकास, जल संसाधन, उद्योग, उद्यानिकी, लोक निर्माण, खादी ग्रामोद्योग, सड़क विकास प्राधिकरण, आरसेटी और लीड बैंक मैनेजर सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी विभागों को विजन डाक्यूमेंट निर्माण और प्रस्ताव जांच प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
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