बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर ‘सांझी विरासत यात्रा’ का कसरावद में भव्य स्वागत
कसरावद। The India Speaks Desk
आदिवासी महानायक धरती आबा बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर इंदौर से 15 नवंबर को शुरू हुई ‘सांझी विरासत यात्रा’ का आज कसरावद पहुंचने पर पूरे आदिवासी समाज ने जोरदार स्वागत किया।
यात्रा का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं व छात्र संगठनों का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया गया।
यात्रा के स्वागत के दौरान सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष रणजीत सिंह मंडण्लोई ने कहा कि “आज की युवा पीढ़ी को फिल्मी हीरो नहीं, बल्कि बिरसा मुंडा जैसे असली वीर सपूतों को अपना आदर्श बनाना चाहिए।”
बालसमुद टंट्या भील चौराहा से लेकर जय स्तंभ तक हुआ स्वागत
यात्रा का कसरावद में प्रवेश होते ही कई स्थानों पर समाजजनों ने भव्य स्वागत किया।
स्वागत स्थल:
बालसमुद राष्ट्रीय मलिक टंट्या भील चौराहा
📞 7772828778 | 7723024600
शासकीय महाविद्यालय परिसर
गौरव ढाबा
कोहली टी स्टाल, मेला ग्राउंड
छोटा नाका बजरंग दल
जय स्तंभ चौराहा
सैकड़ों युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने एकसाथ यात्रा का अभिनंदन किया।
इंदौर से शुरू होकर कई जिलों से गुजरती ‘सांझी विरासत यात्रा’
“यात्रा का उद्देश्य महान क्रांतिकारियों के विचारों को युवाओं तक पहुंचाना है।” — प्रमोद नामदेव
15 नवंबर को इंदौर से शुरू हुई यह यात्रा धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी होते हुए आज निमरानी, पानवा, बालसमुद, भीलगांव, अरिहंत मार्ग से कसरावद पहुंची।
यात्रा का स्वागत प्रो. प्रदीप आर.बी., प्रमोद नामदेव, चंद्रेश अहिरवार, सुरेंद्र कुमार, पुष्पेंद्र राजपूत, प्रियंका, नेहा कुल्हारे, दिशा यादव, भारत चौहान सहित कई साथियों ने किया।
यात्रा रथ पर भगवान बिरसा मुंडा के चित्र का माल्यार्पण किया गया। बाद में नगर पालिका स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
शहीदों की स्मृति में तैयार ‘सांझी विरासत’ गीत के साथ युवाओं ने क्रांतिकारियों को नमन किया।
प्रमोद नामदेव ने यात्रा के उद्देश्य बताते हुए कहा कि यह यात्रा
बिरसा मुंडा,
भगत सिंह,
चंद्रशेखर आजाद
जैसे महान क्रांतिकारियों को युवाओं के लिए आदर्श के रूप में स्थापित करने का प्रयास है।
इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चियों पर अपराध, कॉर्पोरेट कब्जा और सामाजिक विषमताओं जैसे मुद्दों पर युवाओं को जागरूक करना इसका मुख्य लक्ष्य है।
एडवोकेट लखन भांवरें ने यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे युवाओं में नई चेतना जागेगी और समाज में क्रांतिकारी सोच मजबूत होगी।
यह यात्रा आलीराजपुर, बड़वानी, कसरावद, मंडलेश्वर, खंडवा, देवास, शाजापुर होते हुए राजगढ़ से आगे बढ़ेगी और 15 दिसंबर को रांची—बिरसा मुंडा की जन्मभूमि में सम्पन्न होगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता व छात्रों की उपस्थिति रही।
मुख्य रूप से शामिल रहे:
जयस मीडिया प्रभारी सोमल चौहान,
बड़गांव सरपंच कृष्ण भूरिया,
बालसमुद सरपंच अशोक मेडां,
महोबत सिंह चौहान,
सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष रणजीत सिंह मंडण्लोई,
आदिवासी छात्र संगठन से अमित मेवाड़े, विशाल भाबर, शंकर मेणां,
प्रेम गांगले, जयस अध्यक्ष कपिल खराडे,
राहुल गिरवाल, शंकर निंगवाल,
राजू भाटिया, कपिल भालसे, प्रवीण मोहिने,
देवेन्द्र मडण्लोई, गौरव कुशवाहा, संतोष कोहली,
दीपक कुशवाहा, अमृत, राहुल बडोले
आदि बड़ी संख्या में युवा और कार्यकर्ता उपस्थित थे।












