कर्मचारी बोले— “इस बार किसी दबाव में नहीं रुकेंगे”, मीटिंग में लिया बड़ा फैसला
करनाल। राजेंद्र कैम | The India Speaks
रोहतक PGI में अनुबंध आधार पर कार्यरत 1271 कर्मचारियों का विरोध एक बार फिर उबाल पर है। करनाल जिला सचिवालय के सामने लगातार दो महीने से चल रहे धरने के बीच कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने आगामी एक सप्ताह में समाधान नहीं निकाला, तो 8 दिसंबर को सभी कर्मचारी चंडीगढ़ के लिए पैदल कूच करेंगे।
धरना स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसोसिएशन के प्रधान अभिषेक और अमित ने कहा कि
26 सितंबर 2025 को कर्मचारी रोहतक से चंडीगढ़ की ओर पैदल मार्च पर निकले थे।
29 सितंबर को करनाल स्थित जाट धर्मशाला में जिला प्रशासन ने उन्हें रोक दिया।
इसके बाद 3 अक्टूबर से करनाल जिला सचिवालय के सामने धरना शुरू किया गया।
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कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि करनाल प्रशासन ने 7 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री से मुलाकात करवाने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा।
“सरकार का आश्वासन झूठा साबित हुआ है। दो महीने हो गए, लेकिन किसी ने हमारी सुध नहीं ली। इस बार कर्मचारी किसी भी दबाव में नहीं रुकेंगे।”
रोहतक PGI में जून से हड़ताल, बढ़ता रोष
एसोसिएशन ने कहा कि जून माह से PGI रोहतक में कर्मचारी हड़ताल पर हैं और हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
1271 कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उन्हें हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) से जोड़ा जाए, जैसे अन्य विभागों के हजारों कर्मचारियों को जोड़ा गया है।
“हमारी मांग बिलकुल जायज़ है, लेकिन PGI कर्मचारियों के साथ भेदभाव क्यों?”
करमचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी से मुलाकात की।
उन्होंने कर्मचारियों के चंडीगढ़ कूच को पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया है।
अगला कदम— 8 दिसंबर को चंडीगढ़ मार्च
एसोसिएशन का कहना है कि यदि रविवार तक सरकार वार्ता के लिए नहीं बुलाती, तो सभी 1271 कर्मचारी चंडीगढ़ कूच कर देंगे।
धरना स्थल पर इस दौरान अभिषेक, अमित, सुरेंद्र, अनुज, प्रदीप, सतीश, नीलम, उर्मिला, अनीता, ज्योति, सतपाल, राजेश, संजय, तेजवीर, जितेंद्र, बलराज, सतीश, मंजीत कुंडू, व देवेंद्र सहित कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।












