बिहल मोहल्ला चौराहे पर पूजा, माल्यार्पण और आदिवासी समाज की उपस्थिति में दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि
कसरावद। The India Speaks Desk
कसरावद के जननायक टंट्या भील चौराहा — भील मोहल्ला क्षेत्र में आज गुरुवार, 4 दिसंबर 2025 को आदिवासी समाज द्वारा महामानव क्रांतिकारी, भारत के रॉबिनहुड टंट्या भील के शहादत दिवस पर भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजजनों ने पूजा-अर्चना कर टंट्या मामा की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
टंट्या मामा अंग्रेजी शासन के समानांतर चलाते थे अपनी शासन व्यवस्था
कार्यक्रम में आकास के कार्यकारी अध्यक्ष उमेश ठाकुर ने टंट्या भील के संघर्ष, उनके त्याग और आदिवासी समाज के लिए किए गए योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि टंट्या भील ने अंग्रेजी शासन के समानांतर अपनी व्यवस्था बनाई थी और लगभग 27,000 से अधिक ग्राम सभाओं का गठन कर ग्रामीण प्रशासन को मजबूत किया था।
उन्होंने कहा कि टंट्या मामा अंग्रेजों से लूटे गए माल को गरीबों में बांट देते थे।
“टंट्या भील ने जिन परिस्थितियों में अंग्रेजों का सामना किया और गरीबों की सेवा की, उसी भावना के साथ हमें भी जरूरतमंदों की तन–मन–धन से सहायता करनी चाहिए।”
आदिवासी समाज के अनेक पदाधिकारी और युवा रहे उपस्थित
इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष रणजीत सिंह मंडलोई,
जयस मीडिया प्रभारी सोमल चौहान,
सामाजिक कार्यकर्ता शंकर मेडा (नाना),
आकास अध्यक्ष पदमसिंह जमरे,
नांनसिंह मंडलोई, गोलू गिरवाल, लक्ष्मण मंडलोई,
शंकर निगवाल, विकास भूरिया, कृष्णा मंडलोई,
राजा मुजाल्दे, गोपाल गावड़े, राहुल सत्या,
छोटू डावर, रितेश भूरिया, रोशन अलावा, अकाश भाई,
राहुल गिरवाल, काना ओसारी, प्रेम गांगले,
असंत भूरिया, अनिल मेडा, अजय वास्कले,
राज गांगले, मंशाराम भूरिया, काना निगवाल
तथा बड़ी संख्या में आदिवासी समाजजन।












