गंदे पानी की निकासी अवरुद्ध, स्थानीय दुकानदारों में नाराज़गी
खण्डार। सत्यनारायण शर्मा | The India Speaks
खण्डार शहर के मध्य स्थित जर्जर हो चुके प्राचीन पटवार भवन को तहसील कार्यालय के आदेश पर लगभग एक महीने पहले जीर्ण-शीर्ण स्थिति के कारण गिरा दिया गया था। तहसील कर्मचारियों की निगरानी में भवन ध्वस्त कर पुनः निर्माण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उसके बाद से न तो निर्माण कार्य शुरू हुआ है और न ही गिराई गई बिल्डिंग का मलबा हटाया गया है।
मलबा न उठने से गंदे पानी की निकासी पूरी तरह ठप
स्थानीय लोगों के अनुसार, भवन का मलबा सड़क पर पड़े रहने से गंदे पानी की निकासी अवरुद्ध हो गई है। इसके कारण गंदा और दुर्गन्धयुक्त पानी सड़कों पर फैल रहा है, जिससे मार्ग अवरुद्ध होने के साथ-साथ बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थानीय दुकानदारों ने जताई नाराज़गी
पटवार घर के सामने स्थित दुकानदारों का कहना है कि भवन गिराने के समय स्थानीय रहवासियों को जल्द पुनर्निर्माण का भरोसा दिया गया था।
“हमसे कहा गया था कि जल्द ही नया पटवार भवन बनकर तैयार होगा, लेकिन एक महीने से न कोई काम शुरू हुआ, न मलबा हटाया गया। इससे हमारा व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।”
शासन-प्रशासन की उदासीनता पर सवाल
स्थानीय रहवासियों और दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन जल्द पुनर्निर्माण और सफाई का कार्य शुरू करे, ताकि शहर की समस्या दूर हो सके और गंदगी से राहत मिल सके।
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