मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति — वक्ताओं के उद्गार
बड़वाह। The India Speaks Desk
10 दिसंबर 2025 को जवाहरलाल नेहरू शासकीय स्नातक महाविद्यालय, बड़वाह में मानव अधिकार दिवस बड़े उत्साह और गंभीरता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम संस्था प्रमुख डॉ. मंगला ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सबल सिंह रावत ने किया। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए व्यक्ति को अनुशासित, ईमानदार और जागरूक होना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली योजनाओं का वास्तविक लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुँचना चाहिए, क्योंकि यही उनका मौलिक अधिकार है।
मानव अधिकार जन्म से प्राप्त मौलिक स्वतंत्रताएँ — डॉ. अरविंद श्रीवास्तव
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक एवं राजनीति विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ने विस्तार से मानव अधिकारों की परिभाषा और महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि —
“मानव अधिकार वे मौलिक अधिकार हैं जो हर इंसान को जन्म से प्राप्त होते हैं, चाहे उसकी राष्ट्रीयता, लिंग, धर्म, भाषा या स्थिति कुछ भी हो।”
उन्होंने बताया कि मानव अधिकार जीवन, स्वतंत्रता, समानता और सम्मान से जीने की गारंटी देते हैं।
इनमें शामिल हैं—
शिक्षा का अधिकार
📞 7772828778 | 7723024600
भोजन का अधिकार
काम का अधिकार
स्वास्थ्य का अधिकार
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
उन्होंने कहा कि महिलाएँ, बच्चे और युद्ध बंदी भी इन अधिकारों के समान हकदार हैं, और सरकारें इनके संरक्षण के लिए बाध्य हैं।
डॉ. श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि—
“हर भारतीय नागरिक को अपने मौलिक अधिकारों व कर्तव्यों को जानना और समझना चाहिए। यह जागरूकता नागरिकों को भय, उत्पीड़न और भेदभाव से मुक्त जीवन जीने में सक्षम बनाती है।”












