खरगोन। The India Speaks Desk
कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल की अध्यक्षता में शुक्रवार, 12 दिसंबर को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर चाइल्ड प्रोफाइल अपडेट न करने वाले संकुल प्राचार्यों पर नाराजगी जाहिर करते हुए सख्त निर्देश जारी किए।
कलेक्टर सुश्री मित्तल ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में छात्रवृत्ति फॉर्म अपडेट नहीं किए गए हैं, उन संकुल प्राचार्यों को संबंधित स्कूल स्टाफ के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित ई-दक्ष केंद्र में बुलाकर स्वयं एंट्री करवाई जाए। इसके साथ ही वर्ष 2025-26 की छात्रवृत्ति स्वीकृति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर ने बड़वाह बीईओ द्वारा संकुल प्राचार्यों की समीक्षा नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 जनवरी 2026 तक सभी प्रकार की पेंडेंसी पूरी तरह समाप्त होनी चाहिए।
“ई-अटेंडेंस का कड़ाई से पालन किया जाए। ई-अटेंडेंस के आधार पर ही वेतन भुगतान होगा, अन्यथा कर्मचारी को अनुपस्थित माना जाएगा।”
कलेक्टर ने चेतावनी दी कि ई-अटेंडेंस में सुधार नहीं होने की स्थिति में जिला शिक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग का वेतन रोका जाएगा।
कलेक्टर सुश्री मित्तल ने बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने को लेकर निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों के परिणाम कमजोर हैं, वहां अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएं। 50 प्रतिशत से कम परिणाम वाले संकुलों की शालावार समीक्षा भी की गई।
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आउट ऑफ स्कूल बच्चों और शिक्षक व्यवस्था पर जोर
बैठक में आउट ऑफ स्कूल बच्चों की प्रोफाइल अपडेट करने, एकलव्य विद्यालय, सीएम राइज स्कूल एवं कन्या शिक्षा परिसरों में शिक्षकों की कमी न रखने तथा विद्यार्थियों को नियमित रूप से क्वेश्चन बैंक सॉल्व कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री एस.के. कानुड़े, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री इकबाल आदिल हुसैन, जिला परियोजना समन्वयक श्री खेमराज सेन, सहायक संचालक सुश्री सोनालिका आचाले, संकुल प्राचार्य एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।












