अंधविश्वास और काले जादू की साजिश को पुलिस ने समय रहते किया नाकाम
खरगोन। The India Speaks Desk
खरगोन जिले में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की खतरनाक साजिश का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तांत्रिक क्रिया के लिए अपहृत 6 वर्षीय मासूम बालक को सकुशल रेस्क्यू कर लिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो धनवर्षा और काला जादू की सिद्धि के लिए बच्चे की बलि जैसी तंत्र क्रिया की तैयारी कर रहे थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 10 दिसंबर 2025 को सनावद थाना क्षेत्र के ग्राम खंगवाड़ा में घर के बाहर खेल रहे बालक को दो अज्ञात व्यक्ति क्रिकेट बैट-गेंद दिलाने का लालच देकर मोटरसाइकिल से अगवा कर ले गए थे। इस मामले में थाना सनावद में अपराध क्रमांक 531/25 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
100 से अधिक पुलिसकर्मी, 22 दिन तक चला सर्च ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री रविन्द्र वर्मा के निर्देशन में एएसपी (ग्रामीण) श्रीमती शकुन्तला रुहल और एसडीओपी बड़वाह श्रीमती अर्चना रावत के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गईं।
100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और जंगल-बैकवाटर क्षेत्रों में सघन सर्चिंग की।
31 दिसंबर को बालक के घर के बाहर तंत्र क्रिया से जुड़ी सामग्री—नग्न फोटो, नींबू की माला और एक डायरी—मिली, जिससे स्पष्ट हुआ कि अपहरण काला जादू और धनवर्षा की तांत्रिक क्रिया के लिए किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि यह सब पुलिस को गुमराह करने की साजिश थी।
पुनासा से हुआ बालक का रेस्क्यू
तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस को ग्राम अटूटखास निवासी शुभम उर्फ लव यादव पर संदेह हुआ। निगरानी के बाद पता चला कि वह पुनासा में छिपे एक तथाकथित बाबा के संपर्क में है।
छद्म भेष में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बाबा सुरेन्द्र उर्फ पिंटू उर्फ अंकित को बच्चे के साथ पकड़ लिया और मौके से बालक को सकुशल मुक्त कराया।
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पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने आर्थिक संकट और अंधविश्वास के चलते तंत्र क्रिया के लिए मासूम को 22 दिन तक बंधक बनाकर रखा और अमानवीय कृत्य किए। इस मामले में आरोपी लव उर्फ शुभम यादव – निवासी अटूटखास, जिला खंडवा, सुरेन्द्र उर्फ पिंटू उर्फ अंकित बघेल –तथाकथित तांत्रिक, रामपाल नरवरे – तंत्र क्रिया में सहयोगी एवं धनसिंह बड़ोले – अपहरण के लिए बालक की पहचान कराने वाले को गिरफ्तार किया गया हैं।
यह मामला अंधविश्वास के खतरनाक परिणामों को उजागर करता है, वहीं खरगोन पुलिस की सतर्कता, टीमवर्क और तकनीकी दक्षता ने समय रहते एक मासूम की जान बचाकर बड़ी अनहोनी टाल दी।












