प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में, बड़वाह में रेत माफियाओं के हौसले और बुलंद
बड़वाह। The India Speaks Desk
नर्मदा नदी से अवैध रेत उत्खनन को लेकर The India Speaks में खबर प्रकाशित होने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। बड़वाह क्षेत्र के खेड़ीघाट स्थित एक्वाडक्ट पुल के नीचे लगातार चार दिनों से दिनदहाड़े अवैध उत्खनन जारी है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन अब तक खामोश बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, खबर सामने आने के बाद भी रेत माफियाओं के हौसले कम नहीं हुए, बल्कि वे और अधिक बेखौफ होकर नर्मदा नदी से रेत निकालते नजर आ रहे हैं। भारी संख्या में मजदूरों और संसाधनों के जरिए नदी की छाती को छलनी किया जा रहा है।
लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से नर्मदा नदी का प्राकृतिक प्रवाह और पारिस्थितिकी तंत्र गंभीर खतरे में है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां भविष्य में नदी किनारे बसे गांवों, खेती और जलस्तर पर बड़ा असर डाल सकती हैं।
प्रशासन की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मामला सार्वजनिक होने और खबर प्रकाशित होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि
क्या रेत माफियाओं को किसी तरह का संरक्षण प्राप्त है?
या फिर संबंधित विभाग जानबूझकर आंख मूंदे बैठे हैं?
स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि तत्काल स्थल पर पहुंचकर उत्खनन रोका जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि नर्मदा को और नुकसान से बचाया जा सके।












