महेश्वर के ग्राम कतरगांव स्थित निजी स्कूल पर राष्ट्रीय पर्व की अवहेलना का आरोप, जांच की मांग तेज
महेश्वर। प्रभु रनसोरे | The India Speaks
खरगोन जिले के महेश्वर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कतरगांव स्थित निजी विद्यालय श्री साईं अकादमी पर गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व को नहीं मनाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने एसडीएम एवं विकासखंड समन्वयक को ज्ञापन सौंपकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर स्कूल प्रबंधन ने अवकाश घोषित कर दिया, जिसके चलते एक भी बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा और न ही कोई औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जब ग्रामीणों को इस बात की जानकारी मिली और उन्होंने आपत्ति जताई, तब कथित तौर पर शिकायत के डर से सुबह करीब 9 बजे 2–3 शिक्षकों द्वारा आनन-फानन में झंडावंदन किया गया।
फोटो सेशन के लिए बुलाए गए बच्चे?
ग्रामीणों के अनुसार, स्थानीय पत्रकार को सूचना मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन ने जल्दबाजी में 10–12 बच्चों को बुलाकर स्कूल के बरामदे में केवल फोटो सेशन की औपचारिकता निभाई। ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा आयोजन केवल शिकायत से बचने के उद्देश्य से किया गया।
“हमें सिर्फ फोटो खींचने के लिए बुलाया गया था”
— ग्रामीणों के अनुसार, बच्चों का कथन
ग्रामीणों का कहना है कि जिन शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी बच्चों में देशभक्ति, संविधान और गणतंत्र के मूल्यों को विकसित करने की है, वही संस्थान यदि राष्ट्रीय पर्वों की उपेक्षा करेंगे तो यह बच्चों के भविष्य और संस्कारों के साथ अन्याय है।
स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को बताया दुर्भावनापूर्ण
स्कूल प्रबंधक श्री अखिलेश खांडेलवाल ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा—
“यह शिकायत पूरी तरह दुर्भावना से की गई है। कार्यक्रम से जुड़े CCTV फुटेज, वीडियो और फोटो हमारे पास मौजूद हैं।”
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वहीं विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती शिवानी तारे ने बताया कि स्कूल में कुल लगभग 547 छात्र-छात्राएं दर्ज हैं। कार्यक्रम में कम उपस्थिति को लेकर उन्होंने कहा—
“प्री-बोर्ड परीक्षाओं के कारण छात्रों की संख्या कम रही।”
हालांकि, ग्रामीणों का सवाल है कि यदि प्री-बोर्ड परीक्षा कारण थी, तो अन्य विद्यालयों में गणतंत्र दिवस समारोह नियमित रूप से कैसे आयोजित हुआ।
अब इस पूरे मामले में कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं—
क्या यह IPC की धारा 188 (सरकारी आदेश की अवहेलना) के अंतर्गत आता है?
क्या संबंधित स्कूल का पंजीयन रद्द किया जाएगा?
क्या शिक्षा विभाग और प्रशासन निष्पक्ष जांच करेगा?
या फिर इस मामले में विभागीय स्तर पर कोई नरमी दिखाई जाएगी?
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षण संस्था राष्ट्रीय पर्वों के प्रति लापरवाही न बरते।












