तीन घंटे ठप रही नेशनल हाईवे की रफ्तार, प्रशासन ने दिया यूरिया देने का लिखित आश्वासन
खरगोन/द इंडिया स्पीक्स/ रितेश दुबे
जिले में बोवनी पूरी हो चुकी है लेकिन यूरिया की किल्लत ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। मंगलवार को नाराज किसानों ने चित्तौड़गढ़-भुसावल नेशनल हाईवे को तीन घंटे तक जाम कर दिया। यह प्रदर्शन बिस्टान नाका क्षेत्र में हुआ, जहां आदिवासी संगठन से जुड़े सैकड़ों किसान सड़कों पर उतर आए। उनका आरोप था कि समय पर यूरिया न मिलने से फसलें खराब हो रही हैं।
प्रशासन ने दिया भरोसा, मिला यूरिया और लिखित वादा
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से सीधा जवाब मांगा। मौके पर पहुंचे एसडीएम बीएस कलेश, पुलिस अधिकारी, तहसीलदार और कृषि विभाग के प्रतिनिधियों ने किसानों को शांत करने की कोशिश की। इसके बाद एक ट्रक यूरिया तत्काल बांटा गया और शेष किसानों को 13 जुलाई तक यूरिया उपलब्ध कराने का लिखित आश्वासन दिया गया। प्रदर्शन के दौरान छोटे वाहन वैकल्पिक रास्तों से निकलते रहे लेकिन भारी वाहन फंसे रहे।
मांग में इज़ाफा, आपूर्ति पर दबाव
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कृषि विभाग के मुताबिक, जिले में अब तक 190.50 मिमी बारिश हो चुकी है, और अधिकतर क्षेत्रों में बोवनी पूरी हो चुकी है। कपास, मक्का और मिर्ची की फसलों के लिए यूरिया की मांग अचानक बढ़ गई है। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में मांगलिया (इंदौर) और खंडवा रैक प्वाइंट से यूरिया की आपूर्ति की जा रही है। हालांकि खंडवा में गुरु पूर्णिमा मेले के चलते दो दिन तक आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
बड़वानी में भी उठी आवाज़, विभाग की अपील – घबराएं नहीं किसान
खरगोन के साथ-साथ बड़वानी जिले के सेंधवा में भी किसानों ने नगद खाद वितरण केंद्र पर प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। इस बीच अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने कृषि विभाग के संचालक से बात कर किसानों की समस्याओं का समाधान जल्द निकालने की बात कही है।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे दो-तीन दिनों तक खाद वितरण केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं, जैसे ही नई खेप पहुंचेगी, सूचना दे दी जाएगी।












