AAIB की शुरुआती रिपोर्ट में सामने आई दिल दहला देने वाली सच्चाई, 270 लोगों की मौत, केवल एक बचा जिंदा
अहमदाबाद | 12 जुलाई 2025| द इंडिया स्पीक्स
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के भीषण हादसे को एक महीना बीत चुका है और अब इसकी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है।
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई को 15 पेज की रिपोर्ट जारी की, जिसमें यह हादसा दोनों इंजन के अचानक बंद हो जाने के कारण हुआ, यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई है।
टेकऑफ के 32 सेकंड बाद क्रैश: कॉकपिट में मची अफरा-तफरी
जांच में पता चला है कि टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान के दोनों इंजन के फ्यूल कटऑफ स्विच खुद-ब-खुद “RUN” से “CUTOFF” में बदल गए। इसका मतलब यह कि इंजन तक ईंधन पहुंचना पूरी तरह बंद हो गया और विमान ने हवा में अपनी ताकत (थ्रस्ट) खो दी।
कॉकपिट रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता है – “तुमने इंजन बंद किया?” जवाब मिलता है – “मैंने नहीं किया”। इससे यह साफ होता है कि पायलट खुद भी इंजन के बंद होने को लेकर हैरान थे।
सवाल-जवाब में समझिए रिपोर्ट में क्या खुला…
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🔹 सवाल: उड़ान में क्या हुआ?
जवाब: टेकऑफ के 3 सेकंड बाद दोनों इंजन एक-एक करके बंद हो गए। विमान सिर्फ 32 सेकंड तक हवा में रहा।
🔹 सवाल: क्या पायलटों ने इंजन स्टार्ट करने की कोशिश की?
जवाब: हां, पायलटों ने इंजन को फिर से चालू करने की कोशिश की। इंजन-1 आंशिक रूप से स्टार्ट हुआ, लेकिन इंजन-2 चालू नहीं हो सका।
🔹 सवाल: फ्यूल में कोई गड़बड़ी थी क्या?
जवाब: फ्यूल टेस्टिंग में कोई कमी नहीं पाई गई। ब्लैक बॉक्स से यह जरूर पता चला कि टेकऑफ के समय थ्रस्ट लीवर अलग हो चुके थे।
🔹 सवाल: क्या बर्ड हिट हुआ था?
जवाब: नहीं, बर्ड हिटिंग या फ्लैप सेटिंग में कोई समस्या नहीं थी। विमान की फ्लाइट कंडीशन पूरी तरह सामान्य थी।
🔹 सवाल: मौसम कैसा था?
जवाब: मौसम बिलकुल साफ था। कोई तूफान या विजिबिलिटी की समस्या नहीं थी।
🔹 सवाल: पायलट की फिटनेस कैसी थी?
जवाब: दोनों पायलट मेडिकली फिट थे। कमांडर के पास 15,000 और को-पायलट के पास 3,400 घंटे का उड़ान अनुभव था।
🔹 सवाल: क्या कोई तकनीकी एडवाइजरी जारी हुई?
जवाब: नहीं, यह प्रारंभिक रिपोर्ट है, इसलिए बोइंग या GE को कोई सलाह नहीं दी गई है।
हादसे के वक्त पायलट ने भेजा था ‘मेडे कॉल’
AI-171 फ्लाइट ने दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से टेकऑफ किया। कुछ ही सेकंड बाद पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को ‘मेडे कॉल’ भेजा, यानी इमरजेंसी सिग्नल। इसके बाद विमान का संपर्क टूट गया और वह 190 मीटर की ऊंचाई से गिरते हुए एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गया।
हादसे में 270 लोगों की जान गई, जिसमें 241 यात्री और 29 क्रू मेंबर थे। चमत्कारिक रूप से एकमात्र यात्री जिंदा बच पाया।
क्या होता है ‘फ्यूल कटऑफ’ और क्यों यह इतना अहम?


ड्रीमलाइनर जैसे विमान में फ्यूल कटऑफ स्विच RUN और CUTOFF नाम के दो मोड में होते हैं।
यदि CUTOFF पर चले जाएं, तो इंजन तक ईंधन नहीं पहुंचता, जिससे न सिर्फ इंजन बंद हो जाता है बल्कि बिजली की सप्लाई भी रुक जाती है और कई जरूरी सिस्टम फेल हो जाते हैं।
विमान के उड़ते ही RAT (Ram Air Turbine) खुली
जैसे ही इंजन बंद हुए, विमान की Ram Air Turbine (RAT) खुल गई। यह एक छोटा प्रोपेलर जैसा उपकरण होता है, जो हवा की गति से घूमता है और कुछ समय के लिए बिजली और हाइड्रॉलिक पावर देता है ताकि नेविगेशन सिस्टम काम करता रहे।
बोइंग का बयान
बोइंग ने कहा,
“हमारी संवेदनाएं एयर इंडिया फ्लाइट 171 के सभी पीड़ितों के परिवारों के साथ हैं। हम जांच एजेंसियों और एयर इंडिया के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं।”












