जगह जगह हो रही सामाजिक बैठकें, राज्यपाल के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन
खरगोन/ बड़वाह । The India Speaks
देवी अहिल्याबाई सेंचुरी अभ्यारण्य के निर्माण को लेकर ग्रामीणों और आदिवासी समाज का विरोध तेज हो गया है। रविवार को हुई बैठक में सर्व समाज ने एकजुट होकर सरकार के फैसले का कड़ा विरोध जताया। जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) भी इस आंदोलन में शामिल हो गया है।
ग्रामीणों में गहरा आक्रोश
सरकार द्वारा खरगोन, इंदौर, देवास और खंडवा जिले की लगभग 66.10 वर्ग हेक्टेयर भूमि को अभ्यारण्य घोषित करने की योजना है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस योजना से इंसानों को विस्थापित कर जानवरों को बसाने का प्रयास हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इससे उनकी खेती, आजीविका और बसेरे पर संकट आ जाएगा।
“सरकार इंसानों को विस्थापित कर जंगल और जानवरों को बसाना चाहती है, लेकिन हम अपनी भूमि और अधिकारों से पीछे नहीं हटेंगे।” ग्रामीण












