बड़वाह: शहर के बस स्टैंड पर उस वक्त मातम छा गया जब घर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे एक बुजुर्ग को लापरवाही से चलाए जा रहे पुलिस के डायल 112 वाहन ने कुचल दिया। यह हृदय विदारक घटना दोपहर के समय हुई, जिसमें उदयनगर के सीतापुरी निवासी काशीराम (पिता जिरभार) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
बहन के साथ वकील से मिलने आए थे काशीराम
जानकारी के अनुसार, काशीराम अपनी छोटी बहन राधा बाई के साथ एक कानूनी मामले में वकील से सलाह लेने बड़वाह आए थे। राधा बाई ने रोते हुए बताया कि हाल ही में होली पर उनके बेटे की नदी में डूबने से मौत हो गई थी, और उसी सिलसिले में वह अपने बड़े भाई के साथ यहां आई थीं।
वहीं मामले के बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों और समाज के लोगों द्वारा शव का पोस्टमार्टम करने से मना किया गया, उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही हो तभी पोस्टमार्टम किया जाएगा। इस दौरान बड़वाह थाना प्रभारी श्री बलराम राठौड़, SDOP अर्चना रावत व तहसीलदार श्री शिवराम कनासे भी मौजूद रहे व परिजनों को समझाइश देकर शव का पोस्टमार्टम करवाया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि राधाबाई के पुत्र की नदी में डूबने से मौत हुई थी, उसको यदि समय रहते मुआवजा मिल गया होता तो आज यह घटना नहीं होती, यह प्रशासन की लापरवाही है।
वकील से चर्चा करने के बाद दोनों दोपहर में बस स्टैंड पर काटकूट जाने वाली बस का इंतजार कर रहे थे और एक पेड़ के नीचे बैठे थे।
लापरवाही ने ली जान


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सीएम राइज स्कूल के सामने पुलिस का 112 वाहन खड़ा था। इसी दौरान इवेंट (कॉल) आने पर चालक ने तेज गति और लापरवाहीपूर्वक वाहन को अचानक घुमा दिया। इसी दौरान वाहन का पहिया सीधे बुजुर्ग काशीराम के सिर पर चढ़ गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक खून बह जाने से उनकी मौत हो गई।
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आसपास बैठे अन्य ग्रामीणों में इस घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। घायल काशीराम को उसी पुलिस वाहन से तत्काल शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी अर्चना रावत और टीआई बलराम राठौड़ भी अस्पताल पहुंचे।
वाहन चालक पर प्रकरण दर्ज, गाड़ी अभिरक्षा में
बड़वाह टीआई बलराम राठौड़ ने बताया कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई की गई है। वाहन चालक धर्मेंद्र तोमर (निवासी धरमपुरी, जिला धार) के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। साथ ही, लापरवाही करने वाले चालक और डायल 112 वाहन को पुलिस की अभिरक्षा में ले लिया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों ने लगाया आरोप: मृतक की बहन राधी बाई ने पुलिस वाहन चालक की लापरवाही पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। एक तरफ जहां वह अपने बेटे की मौत के गम में थी, वहीं सरकारी वाहन की लापरवाही ने अब उनके भाई की जान ले ली।
निष्पक्षता की कसौटी पर पुलिस की कार्रवाई
यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा है।
यह देखना होगा कि पुलिस अपनी ही टीम के खिलाफ कितनी सख्ती और निष्पक्षता से कार्रवाई करती है, खासकर जब पुलिस के खिलाफ ही आरोप हो। स्थानीय जनता और मृतक का परिवार न्याय की उम्मीद कर रहा है।
इस संवेदनशील मामले में त्वरित और न्यायपूर्ण कार्रवाई ही स्थानीय जनता में पुलिस के प्रति विश्वास को बनाए रखेगी। अगर कार्रवाई में कोई भी ढिलाई या पक्षपात दिखा, तो इसका सीधा असर कानून व्यवस्था पर लोगों के भरोसे पर पड़ेगा। पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि वर्दी के पीछे छिपा कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।












