खरगोन/बड़वाह, मध्य प्रदेश: बड़वाह के ग्राम कदवालिया में अवैध मुरूम उत्खनन करने वाले माफिया बेखौफ होकर ‘मौत का खेल’ खेल रहे हैं, जबकि खनिज विभाग इस पर आंखें मूंदे बैठा है। सबसे गंभीर बात यह है कि प्रमुख मीडिया संस्थान ‘द इंडिया स्पीक्स’ (The India Speaks) द्वारा स्वयं वीडियो साक्ष्य भेजे जाने के बावजूद खनिज अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
कुएं में गिरा डंपर: जानलेवा लापरवाही का वीडियो साक्ष्य
मुरूम उत्खनन करने वाले समूह की जानलेवा लापरवाही 15 अगस्त 2025 की रात सामने आई, जब अवैध खनन के दौरान उनका एक भारी डंपर अनियंत्रित होकर गहरे कुएं में जा गिरा।
- बड़ा खुलासा: डंपर चालक की जान मुश्किल से बची, जिसे स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रस्सी की मदद से बाहर निकाला।
- दोषियों को संरक्षण? ‘द इंडिया स्पीक्स’ ने इस हादसे का वीडियो साक्ष्य और खनन से जुड़ी अनियमितताओं की विस्तृत जानकारी खरगोन के खनिज अधिकारी सावन चौहान को तत्काल भेजी थी। बावजूद इसके, उत्खनन पर न तो रोक लगी और न ही कंपनी पर कोई जुर्माना लगाया गया।
पर्यावरण का खुला विनाश: बेशकीमती पेड़ धराशाई
समतलीकरण की आड़ में चल रहे इस अवैध उत्खनन के खेल में प्राकृतिक संपदा को भारी नुकसान पहुँचाया गया है:
- कई बेशकीमती सागौन (Teak) और नीम (Neem) के पेड़ धराशाई कर दिए गए हैं।
- माफियाओं ने एक किसान के खेत की मेड़ पर लगे सागौन के पेड़ों को भी उखाड़ दिया है, जो वन और निजी संपत्ति दोनों कानूनों का गंभीर उल्लंघन है।
बिना पंचायत परमिशन जारी हुई परमिशन
ग्रामीणों का आरोप है कि उत्खनन कर रहे समूह को ग्राम पंचायत की आवश्यक अनुमति लिए बिना ही खनन विभाग द्वारा समतलीकरण और मुरूम परिवहन की परमिशन जारी कर दी गई। ‘समतलीकरण’ के नाम पर यह उत्खनन कई महीनों से जारी है।
अधिकारी मौन क्यों?
’द इंडिया स्पीक्स’ द्वारा साक्ष्य भेजे जाने के बाद भी खनिज अधिकारी सावन चौहान का मौन रहना पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। यह स्थिति साफ इशारा करती है कि या तो विभाग जानबूझकर माफियाओं को संरक्षण दे रहा है, या फिर उच्चाधिकारियों के दबाव में निष्क्रिय है।












