सहायिका से कार्यकर्ता बनाने के नाम पर 2.05 लाख की मांग, इंदौर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई
खालवा (जिला खण्डवा)। The India Speaks Desk । अनिल चौरसिया
लोकायुक्त कार्यालय इंदौर की टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला बाल विकास विभाग की संविदा पर्यवेक्षक अजली मोहे को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया। आरोपी सेक्टर सावली, महिला बाल विकास परियोजना खालवा में पदस्थ है।
सहायिका से कार्यकर्ता बनाने के नाम पर मांगी मोटी रकम
प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदिका ग्राम मोजवारी, तहसील खालवा, जिला खण्डवा की निवासी है। उसकी नियुक्ति अक्टूबर 2025 में आंगनवाड़ी केंद्र-1 मोजवारी में सहायिका पद पर हुई थी। गांव के ही आंगनवाड़ी केंद्र-3 में कार्यकर्ता का पद रिक्त होने पर आवेदिका ने पात्रता अनुसार कार्यकर्ता पद के लिए आवेदन महिला एवं बाल विकास विभाग खालवा में जमा किया।
जब आवेदिका ने कार्यकर्ता पद पर पदस्थापना के लिए आरोपी पर्यवेक्षक अजली मोहे से संपर्क किया तो आरोपी ने पहले सहायिका पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर 5,000 रुपये तथा कार्यकर्ता पद पर नियुक्ति के एवज में 2,00,000 रुपये की मांग की। इस प्रकार कुल 2,05,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई।
शिकायत के बाद हुआ सत्यापन, फिर बिछा जाल
आवेदिका ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सहाय, लोकायुक्त कार्यालय इंदौर से की। शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने पर 26 फरवरी 2026 को ट्रैप दल का गठन किया गया।
आज कार्रवाई के दौरान आरोपी अजली मोहे को आवेदिका से 5,000 रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।
ट्रैप दल में शामिल अधिकारी
कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक श्रीमती प्रतिभा तोमर, कार्यवाहक निरीक्षक श्री आशुतोष मिठास, आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक शिवप्रकाश पाराशर, आरक्षक कमलेश परिहार, आरक्षक मनीष माथुर एवं महिला आरक्षक अनिता प्रजापति शामिल रहे।












