बड़वाह (खरगोन)। बड़वाह के ग्राम बरझर में एक सामुदायिक भवन पर अधिकार और नवरात्रि में भंडारे के आयोजन को लेकर राजपूत समाज और गवली समाज के बीच विगत दो दिनों तक तीखी झड़प और मारपीट हुई। मामला इतना बढ़ गया था कि खरगोन जिले का पूरा प्रशासनिक और पुलिस अमला मौके पर तैनात करना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद की शुरुआत शुक्रवार दशहरा के अगले दिन हुई, जब गवली समाज और गुर्जर समाज के लोग ग्रामीणों के लिए भंडारे का आयोजन कर रहे थे। इस पर नवमी के दिन भंडारा कर चुके राजपूत समाज के लोगों ने आपत्ति जताई और सामुदायिक भवन पर अपना अधिकार बताया।
यह मामूली विवाद जल्द ही हिंसक हो गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोगों ने बाल्टी, सरिया और जो कुछ हाथ लगा, उसी से एक-दूसरे पर हमला किया। पहले दिन की झड़प में कुछ लोग घायल भी हुए।
दूसरे दिन फिर शुरू हुई हिंसा
विवाद यहीं नहीं थमा। बदले की भावना से अगले दिन शनिवार को यह जंग फिर से शुरू हो गई। इस दौरान लोगों को लाठी-डंडों से पीटा गया, जिसमें महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। मामला लगातार बिगड़ता देख प्रशासन हरकत में आया।
प्रशासनिक हस्तक्षेप और शांति बहाली
विवाद को शांत कराने के लिए तत्काल बड़वाह SDOP अर्चना रावत, थाना प्रभारी बलराम राठौड़, SDM सत्यनारायण दर्रो सहित भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी ग्राम बरझर पहुँचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के लोगों को आमने-सामने बिठाकर गहन समझाइश दी, जिसके बाद फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया है और गाँव में शांति है।
करणी सेना ने किया थाना घेराव
इसी बीच, इस पूरे घटनाक्रम में एक नया मोड़ आ गया। करणी सेना के सदस्यों ने बलवाड़ा थाने का घेराव कर दिया। करणी सेना का आरोप है कि बलवाड़ा थाना प्रभारी ने इस झगड़े के बाद राजपूत समाज के एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ मारपीट की। करणी सेना ने बलवाड़ा थाना प्रभारी के निलंबन (Suspension) की मांग की है।
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प्रशासन अब पूरे मामले की जाँच कर रहा है और गाँव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी जारी है।












