लोकायुक्त छापे में ₹18.59 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति उजागर; दामाद निकला शराब कारोबारी ‘ऐके सिंह’ का गोद लिया बेटा
पूर्व कर्मचारी श्री सत्यनारायण शर्मा के अनुसार, प्रशासन की मिलीभगत से करोड़ों की अवैध शराब तस्करी हुई
ग्वालियर/इंदौर। मध्य प्रदेश में सेवानिवृत्त जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के ठिकानों पर लोकायुक्त की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही, जिसने भ्रष्टाचार और अवैध शराब कारोबार के एक बड़े गठजोड़ को उजागर किया है। लोकायुक्त को भदौरिया की काली कमाई से बनाई जा रही 10 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली एक इटालियन डिज़ाइन की कोठी (विला) का पता चला है।
यह मामला अब केवल आय से अधिक संपत्ति (₹18.59 करोड़) का नहीं रहा, बल्कि इसके तार राज्य के प्रमुख शराब कारोबारी नेटवर्क से जुड़ चुके हैं।
1. लोकायुक्त की आधिकारिक जांच में ₹10 करोड़ का ‘विला’ और नकद/सोना बरामद
लोकायुक्त अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर भदौरिया की अकूत संपत्ति की पुष्टि की है:
- 10 करोड़ का विला: इंदौर की काउंटी वॉक टाउनशिप में लगभग 4700 वर्गफीट के प्लॉट पर 10 हजार वर्गफीट में बन रही इटालियन डिज़ाइन की कोठी का पता चला है।
- बरामदगी का ब्यौरा: ₹1.26 करोड़ बैंक खातों में (फ्रीज), 13 लाख रुपये की 21 बीमा पॉलिसी, 4 लॉकर, ₹1.13 करोड़ नकद, 4.22 किलोग्राम सोना और 7.13 किलोग्राम चांदी।
- वैध आय से 800% अधिक: भदौरिया की कुल वैध आय (38 वर्ष की सेवा में) मात्र ₹2 करोड़ थी, जबकि उनकी कुल संपत्ति ₹18.59 करोड़ आंकी गई है।
2. जांच के दायरे में आया बड़े शराब कारोबारी से पारिवारिक संबंध


जांच में भदौरिया के पारिवारिक रिश्तों के माध्यम से शराब कारोबारियों से सीधा जुड़ाव सामने आया है, जिसकी जांच अब लोकायुक्त टीम कर रही है:
- दामाद का कनेक्शन: भदौरिया का दामाद राघव, प्रमुख शराब कारोबारी अरविंद कुमार सिंह उर्फ ऐके सिंह का गोद लिया बेटा है। लोकायुक्त टीम अब दामाद राघव के नाम पर मानपुर क्षेत्र में बने भव्य फार्म हाउस की भी छानबीन कर रही है।
- ऐके सिंह और केडिया ग्रुप: शराब कारोबारी ऐके सिंह के व्यापारिक पार्टनर नानक सिंह का संबंध पूर्व में केडिया ग्रुप की डिस्टलरी नर्मदा डिस्टलरीज से रहा है, जिसके बंद होने की वजह शराब तस्करी थी।
3. पूर्व कर्मचारी श्री सत्यनारायण शर्मा के गंभीर आरोप
इस मामले में सबसे गंभीर आयाम केडिया ग्रुप पर लगाए गए आरोप हैं, जो केडिया ग्रुप की शराब कंपनी के पूर्व कर्मचारी श्री सत्यनारायण शर्मा द्वारा सार्वजनिक किए गए हैं:
- श्री सत्यनारायण शर्मा के अनुसार, एसोसिएटेड अल्कोहल्स एण्ड ब्रेवरीज लिमिटेड (केडिया ग्रुप) द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों की अवैध शराब तस्करी, फर्जी परमिट का उपयोग, और लाखों लीटर शराब को गायब किया गया।
निष्कर्ष और बड़ी चुनौती
लोकायुक्त ने भदौरिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। चूंकि धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के संबंध सीधे उस नेटवर्क से जुड़ रहे हैं जिस पर श्री सत्यनारायण शर्मा जैसे पूर्व कर्मचारियों ने अवैध तस्करी के आरोप लगाए हैं, इसलिए लोकायुक्त के सामने अब बड़ी चुनौती है। यदि जांच केवल आय से अधिक संपत्ति तक सीमित न रहकर इन पारिवारिक-व्यावसायिक कड़ियों और अवैध शराब कारोबार के आरोपों की गहराई से पड़ताल करती है, तो अवैध शराब सिंडिकेट का एक बड़ा खुलासा हो सकता है, जिसमें कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
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