सिवनी/ द इंडिया स्पीक्स डेस्क
मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे की साख को गहरे दागदार कर दिया है। पुलिस की वर्दी में ही अपराधियों ने एक बड़े हवाला नेटवर्क के पैसे लूटने की साजिश रची और ₹1.51 करोड़ की रकम की हेराफेरी की। मामले के खुलासे के बाद सिवनी SDOP पूजा पांडे और थाना प्रभारी अर्पित भैरम समेत 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
🚨 घटना का पूरा विवरण
8 अक्टूबर 2025 की रात, कटनी से नागपुर जा रहे एक कारोबारी के वाहन को बंडोल थाना क्षेत्र के सीलादेही गांव के पास रोका गया। पुलिस ने तलाशी के दौरान वाहन से ₹2.96 करोड़ की भारी नकदी बरामद की, जो हवाला के जरिए महाराष्ट्र भेजी जा रही थी।
सूत्रों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने बड़ी चालाकी से न केवल कानून का उल्लंघन किया, बल्कि विभाग को भी गुमराह किया। उन्होंने आधिकारिक तौर पर केवल ₹1.45 करोड़ की रकम जब्त दिखाई और शेष ₹1.51 करोड़ की नकदी को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद, पुलिस ने वाहन को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया का पालन किए छोड़ दिया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना नहीं दी।
💥 शिकायत और बड़े अधिकारियों की कार्रवाई
अगले ही दिन, कारोबारी ने सिवनी कोतवाली थाने में इस लूट और हेराफेरी की शिकायत दर्ज कराई। मामला संवेदनशील होने के कारण, जबलपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) प्रमोद वर्मा ने तुरंत मामले की जांच शुरू की।
जांच में यह स्पष्ट हो गया कि पुलिसकर्मियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए न केवल रकम की हेराफेरी की, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों से भी इस गंभीर मामले को छिपाया।
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तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई की गई है:
- SDOP पूजा पांडे को निलंबित कर पुलिस मुख्यालय भोपाल में अटैच किया गया।
- बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम को निलंबित किया गया।
- इनके अलावा, हेराफेरी में शामिल प्रधान आरक्षक, आरक्षक और गनमैन सहित कुल 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
⚖️ सवाल: क्या यह व्यवस्था की गहरी समस्या है?
यह घटना पुलिस महकमे में व्याप्त भ्रष्टाचार और विश्वासघात को उजागर करती है। यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि जब कानून के रक्षक ही खुद अपराधियों का चेहरा बन जाएं, तो आम जनता का विश्वास किस पर रहेगा?
हालांकि, राज्य सरकार ने इस मामले में कठोर और त्वरित कार्रवाई की है, लेकिन यह सवाल बना हुआ है कि क्या यह महज एक अपवाद है या पुलिस व्यवस्था में गहरे तक फैली हुई समस्या का संकेत है। इस मामले की विस्तृत जांच जारी है और उम्मीद है कि दोषियों पर न सिर्फ विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि उन पर आपराधिक मुकदमे भी चलाए जाएंगे।












