डिजिटल प्लेटफॉर्म से जल एवं सीवर परिसंपत्तियों की निगरानी और प्रबंधन को मिलेगी मजबूती
खरगोन। The India Speaks Desk
कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल के निर्देशानुसार ई-दक्ष केंद्र, खरगोन में अमृत रेखा मोबाइल/वेब ऐप के माध्यम से एक दिवसीय GIS आधारित जल प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षक लकी मालवीया द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पेयजल पाइपलाइन, पानी की टंकियों एवं सीवर लाइन की GIS मैपिंग, जल शुद्धता की जाँच, ओवरहेड टैंक की साफ-सफाई की जियो-टैग्ड एंट्री, प्रदाय जल गुणवत्ता सैंपल का जियो-टैग संग्रहण तथा सैंपल रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।
साथ ही जल एवं सीवर से जुड़ी परिसंपत्तियों की प्रविष्टि, अद्यतन मैपिंग और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन को लेकर भी व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
जल सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की पहल
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल सुरक्षा, जल संरक्षण एवं जल सुनवाई प्रणाली को मजबूत बनाना है। इसके अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल गुणवत्ता का व्यापक परीक्षण, जल आपूर्ति प्रणाली में लीकेज या दूषित जल की पहचान कर समय पर सुधार, जलजनित बीमारियों की रोकथाम तथा नागरिकों को स्वच्छ पेयजल के प्रति जागरूक करना शामिल है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी नगरीय निकायों के सीएमओ, फील्ड इंजीनियर एवं तकनीकी स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से जल एवं सीवर परिसंपत्तियों की प्रभावी निगरानी, पारदर्शिता और त्वरित निर्णय प्रक्रिया को सुनिश्चित करना रहा।












