

महिला एवं बाल विकास विभाग ने बनाई रणनीति — उड़न दस्ते से होगी निगरानी, 1098 पर मिल सकेगी त्वरित मदद
खरगोन (The India Speaks)।
देव उठनी एकादशी से पहले जिला प्रशासन ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार को विवेकानंद सभागृह में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें बाल विवाह से जुड़ी नीतियों और कानूनी प्रावधानों पर चर्चा की गई।
इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री संजय भारद्वाज, वन स्टॉप सेंटर प्रशासक, और विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।
बाल विवाह रोकथाम कानून की दी जानकारी
कार्यक्रम में जिला अधिकारी ने बताया कि बाल विवाह “बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006” और “मध्यप्रदेश बाल विवाह प्रतिषेध नियम 2007” के तहत दंडनीय अपराध है।
उन्होंने कहा कि समाज को इस कुप्रथा को खत्म करने के लिए जागरूक होना जरूरी है।
“बाल विवाह न केवल एक गैरकानूनी कृत्य है, बल्कि यह बच्चियों के भविष्य को भी अंधकारमय बना देता है।”
— संजय भारद्वाज, जिला कार्यक्रम अधिकारी
देव उठनी पर बनेगा कंट्रोल रूम, उड़न दस्ते रहेंगे अलर्ट
अधिकारी ने बताया कि 1 नवंबर को देव उठनी एकादशी पर सभी परियोजना कार्यालयों और जिला कार्यालयों में स्पेशल कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।
यह कंट्रोल रूम उड़न दस्तों को तत्काल सूचना देगा ताकि बाल विवाह जैसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
लोगों से अपील की गई है कि यदि किसी को बाल विवाह की जानकारी मिले, तो वह तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क करें।
जागरूकता के लिए रैली और नुक्कड़ नाटक
विभाग द्वारा गांव-गांव तक रैली, नुक्कड़ नाटक, रंगोली प्रतियोगिता और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। उद्देश्य यह है कि हर व्यक्ति तक यह संदेश पहुंचे कि बाल विवाह अपराध है और इसे रोकना सबकी जिम्मेदारी है।











