45 मत्स्य पालकों का एनएफडीपी पोर्टल पर हुआ पंजीयन
खरगोन। The India Speaks Desk
बामंदी साटक तालाब परिसर स्थित शासकीय मत्स्यबीज उत्पादन फार्म पर 11 सितंबर को प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के तहत जलीय कृषि बीमा के लिए आवेदन संग्रहण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर विशेष रूप से नेशनल फ़िशरीज डेवलपमेंट बोर्ड (एनएफडीबी) हैदराबाद द्वारा एक्वाकल्चर इंश्योरेंस अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत ऑनलाइन आयोजित हुआ। इस अवसर पर 45 मत्स्य पालकों का एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीयन किया गया।
किसानों को मिली बीमा जानकारी
शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों को जलीय कृषि बीमा के महत्व और लाभों से अवगत कराना था। उन्हें बताया गया कि कैसे वे अपने जलीय कृषि उद्यमों को प्राकृतिक आपदाओं, बीमारियों और अन्य जोखिमों से सुरक्षित रख सकते हैं।
वित्तीय सहायता और सब्सिडी की सुविधा
मत्स्य विभाग के सहायक संचालक श्री रमेश मौर्य ने बताया—
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“प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के अंतर्गत किसानों को वित्तीय सहायता के साथ-साथ बीमा प्रीमियम पर सब्सिडी भी दी जाएगी, जिससे उनके लिए बीमा कराना और आसान होगा।”
उन्होंने कहा कि इस पहल से जलीय कृषि क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा बढ़ेगी, किसानों की आय में वृद्धि होगी और वे निडर होकर अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकेंगे।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
मत्स्य निरीक्षक श्री नयन माहिले ने कहा कि यह योजना मत्स्य पालन क्षेत्र को एक संगठित और सुरक्षित उद्योग बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और यह प्रधानमंत्री के ’आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने में सहायक होगी।
इस कार्यक्रम में सहायक संचालक मत्स्य श्री रमेश मौर्य, मत्स्य निरीक्षक श्री गोपाल पाटीदार, श्री जतन रावत एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।












