मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित
खरगोन। The India Speaks Desk
जल संरक्षण और प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिला खरगोन को पश्चिम क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ जिले के रूप में चुना गया है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा घोषित 6वां राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा आगामी 18 नवंबर 2025 को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जिले को बधाई दी।
उन्होंने लिखा —
“6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार के अंतर्गत पश्चिम क्षेत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ जिला श्रेणी में जिला खरगोन को प्रथम पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में जिला खंडवा की कावेश्वर पंचायत को द्वितीय पुरस्कार की घोषणा अभिनंदनीय है। इस उपलब्धि के लिए स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को हार्दिक बधाई।”
खरगोन जिले ने नदियों के संरक्षण और तटों के पुनरुद्धार में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
नर्मदा, नानी, वंशावली और बोराड़ नदियों के लगभग 8,000 हेक्टेयर क्षेत्र में स्टॉप डैम, चेक डैम, खेत तालाब और लूस बोल्डर स्ट्रक्चर के निर्माण से जलधाराएं अब अप्रैल तक अविरल बनी रहती हैं।
कुंदा नदी के तट पर 627 स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया, जिससे 106 एकड़ भूमि में “निधिवन पर्यटन स्थल” की स्थापना हुई।
जिले में अब तक 4,21,182 कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाएं — जैसे काउंटर ट्रेंच, पर्कोलेशन टैंक, गली प्लग और गैबियन — निर्मित की जा चुकी हैं, जिनसे भूजल स्तर में निरंतर वृद्धि हुई है।
खरगोन में अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण के लिए 15 इकाइयां, 4 एसटीपी और 94 स्थिरीकरण कुंड संचालित हैं।
जिले में 5,400 हेक्टेयर क्षेत्र में 30 लाख वृक्षों का पौधारोपण किया गया, जिनमें से 95% वृक्ष जीवित हैं।
मनरेगा के तहत 3.8 लाख पौधे और निजी फलोद्यानों में 2.66 लाख अमरूद के पौधे लगाए गए, जिससे भूजल संरक्षण में वृद्धि हुई।
सामुदायिक सहभागिता और जनजागरण
जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के लिए जिले में अब तक —
2,277 सफाई अभियान,
605 क्षमता निर्माण कार्यशालाएं,
200 ग्राम पंचायतों में कलश यात्रा,
और 147 जल चौपालें आयोजित की जा चुकी हैं।
इन अभियानों से नागरिकों, सामाजिक संगठनों और सरकारी कर्मचारियों में जल संरक्षण के प्रति गहरी जागरूकता आई है।
खरगोन की इस उपलब्धि के पीछे जिला प्रशासन का सशक्त नेतृत्व रहा।
पूर्व कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आकाश सिंह ने जल संरक्षण कार्यक्रमों में नवाचारों को गति दी।
वर्तमान कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल के नेतृत्व में जिले के दावों का केंद्रीय टीम द्वारा सफल सत्यापन किया गया।
💧 राष्ट्रीय स्तर पर जल संरक्षण की मिसाल बना खरगोन
खरगोन जिले ने साबित किया है कि यदि प्रशासन, नागरिक और जनप्रतिनिधि मिलकर काम करें, तो जल संकट पर काबू पाया जा सकता है।
अब जिले को विज्ञान भवन में राष्ट्रपति के हाथों यह सम्मान मिलेगा — जो पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है।











