खरगोन। The India Speaks Desk
खरगोन और सेगांव विकासखण्ड में सोमवार को संयुक्त जिला स्तरीय डॉयग्नोस्टिक दल ने कपास, सोयाबीन, मक्का और अरहर सहित विभिन्न फसलों का निरीक्षण किया। कृषि वैज्ञानिकों ने खेतों का दौरा कर किसानों को फसलों की वर्तमान स्थिति और आवश्यक बचाव उपायों की जानकारी दी।
किसानों की फसलों का किया गया निरीक्षण
दल ने ग्राम खतवास, नंदगांव बगूद, रजूर, मोठापुरा, लिक्खी और रसगांव में जाकर सोयाबीन, अरहर, कपास, मक्का, हल्दी, अदरक, मूंगफली और सफेद मुसली की फसलों का अवलोकन किया। वर्तमान में खरीफ की फसलें सामान्य स्थिति में पाई गईं।
कीट और रोग नियंत्रण पर सुझाव
निरीक्षण के दौरान कुछ जगहों पर कीट और व्याधियों का असर देखा गया।
सोयाबीन की लम्बी अवधि की किस्मों में इल्लियों और रसचूसक कीटों के नियंत्रण हेतु कोराजन, थायोमिथोक्ज़ाम अथवा इमिडाक्लोरप्रिड का छिड़काव सुझाया गया।
कपास में फंगस के कारण पौधे पीले होने पर कॉपर आक्सीक्लोराईड या कार्बेन्डाजिम का छिड़काव करने की सलाह दी गई।
अरहर में एन्थेक्नॉज रोग के नियंत्रण हेतु टेबुकोनाजोल + एजॉक्सीस्ट्राबीन अथवा पायरोक्लोस्ट्राबीन के उपयोग की सलाह दी गई।
दल में रहे अधिकारी
निरीक्षण दल में डॉ. आर.के. सिंह (कृषि वैज्ञानिक), श्री प्रकाश ठाकुर (सहायक संचालक कृषि), श्री गिरधारी भांवर (वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी) और मैदानी अमला शामिल रहा।












