खरगोन में आयोजित कार्यशाला में कालाबाजारी रोकने, किसानों को विकल्प और ड्रोन तकनीक से परिचित कराने पर विशेष फोकस
खरगोन। The India Speaks
रबी फसलों की तैयारी और उर्वरकों की मांग, वितरण तथा बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से इफको उर्वरक के संयुक्त तत्वावधान में कृषि विभाग एवं संबंधित विभागों की कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को नगर के नक्षत्र होटल में किया गया।
उप संचालक कृषि श्री एसएस राजपूत ने बताया कि जिले में रबी फसलें कुल 3.76 लाख हेक्टेयर में बोई जाती हैं। इनमें 1.65 लाख हेक्टेयर में गेहूँ, 1.55 लाख हेक्टेयर में चना, 0.50 लाख हेक्टेयर में मक्का और 0.06 लाख हेक्टेयर में अन्य फसलें शामिल हैं।
पिछले वर्ष जिले में कुल 1,09,771 मी.टन उर्वरक वितरित हुआ था, जबकि इस वर्ष 1,19,200 मी.टन उर्वरक की मांग प्रस्तावित की गई है।
उर्वरकों की उपलब्धता और प्रबंधन


कार्यशाला में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, बल्कि उनके विकल्प और प्रबंधन की आवश्यकता है। उन्होंने उर्वरकों की किसी भी प्रकार की कालाबाजारी रोकने, अग्रिम भंडारण और किसानों को रैक उपलब्धता की समय पर जानकारी देने पर जोर दिया।
नैनो उर्वरक और ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन
कार्यशाला में नैनो उर्वरक के उपयोग और विधि की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया, जिससे उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव की आधुनिक पद्धति को किसानों के सामने रखा गया।
नरवाई जलाने पर रोक और कपास पंजीयन
नरवाई जलाने की समस्या पर भी चर्चा हुई और मैदानी अमले को इसे रोकने के लिए जागरूक किया गया। भारतीय कपास निगम के प्रतिनिधि ने किसानों को कपास खरीदी प्रक्रिया की जानकारी दी और बताया कि किसान अपना पंजीयन कपास किसान एप पर 30 सितम्बर तक करा सकते हैं।
मौजूद रहे अधिकारी
कार्यशाला में इफको के उप महाप्रबंधक श्री पंकज अभयंकर, जिला विपणन अधिकारी श्री रोहित श्रीवास्तव, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. खरगोन की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती संध्या रोकड़े, कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.के. त्यागी, सहायक क्षेत्र अधिकारी श्री विकास चौरसिया, सहायक कृषि यंत्री श्री मनीष मिश्रा सहित कृषि विभाग का पूरा मैदानी अमला मौजूद रहा।












