दुबई/ द इंडिया स्पीक्स
दुबई: भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार (28 सितंबर, 2025) को दुबई में खेले गए एशिया कप 2025 के फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर रिकॉर्ड नौवीं बार एशिया कप ट्रॉफी पर कब्ज़ा कर लिया। यह जीत युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा की ऐतिहासिक नाबाद 69 रनों की पारी के दम पर आई, लेकिन ऐतिहासिक जीत के बाद पुरस्कार समारोह में एक अभूतपूर्व घटना देखने को मिली—भारतीय टीम ने ट्रॉफी स्वीकार नहीं की।
पाकिस्तान का आत्मसमर्पण: कुलदीप का जादू
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने शानदार शुरुआत की। एक समय पर 9.4 ओवर में बिना कोई विकेट खोए 84 रन बनाकर पाकिस्तान मजबूत स्थिति में था। सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान (57 रन) और फखर जमान (46 रन) क्रीज पर थे, लेकिन इसके बाद भारतीय स्पिन गेंदबाजों ने मोर्चा संभाला।
मिस्ट्री स्पिनर कुलदीप यादव (4/30) ने अपने स्पेल में पाकिस्तान के बल्लेबाजों को तहस-नहस कर दिया। उनके शानदार प्रदर्शन के आगे पाकिस्तान की पूरी टीम अगले 33 रन जोड़ने में 9 विकेट गंवा बैठी और 19.1 ओवर में मात्र 146 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। वरुण चक्रवर्ती (2/30), अक्षर पटेल (2/26) और जसप्रीत बुमराह (2/25) ने कुलदीप का बखूबी साथ दिया।
तिलक वर्मा बने संकटमोचक: अकेले खींचा मैच
147 रनों के आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत डगमगा गई। अभिषेक शर्मा (5), कप्तान सूर्यकुमार यादव (1) और शुभमन गिल (12) जल्दी आउट हो गए और स्कोर 20/3 हो गया।
इस नाजुक मोड़ पर तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने पहले संजू सैमसन (24) के साथ 57 रनों की साझेदारी की, और फिर शिवम दुबे (33) के साथ 60 रनों की साझेदारी करके टीम को जीत के करीब पहुंचाया। तिलक अंत तक क्रीज पर जमे रहे और 53 गेंदों में नाबाद 69 रन बनाए। अंतिम ओवर में, पदार्पण कर रहे रिंकू सिंह ने चौका लगाकर भारत को 19.4 ओवर में 150/5 के स्कोर के साथ जीत दिलाई।
ट्रॉफी विवाद: ‘पाक मंत्री’ से नहीं ली ट्रॉफी, समारोह में बवाल
मैच खत्म होने के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों एशिया कप ट्रॉफी स्वीकार करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया।
विवाद का मुख्य कारण:
- मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष होने के साथ-साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं।
- भारतीय टीम ने राजनीतिक और कूटनीतिक कारणों का हवाला देते हुए फैसला किया कि वे एक पाकिस्तानी सरकारी अधिकारी से ट्रॉफी नहीं लेंगे।
- इस असहयोग के कारण प्रेजेंटेशन सेरेमनी में काफी देर तक गतिरोध बना रहा। एक समय पर ट्रॉफी को मैदान से हटाकर ड्रेसिंग रूम में ले जाया गया।
- भारतीय टीम की इस हरकत पर पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने इसे ‘खेल का अनादर’ बताया, वहीं बीसीसीआई के सूत्रों ने कहा कि टीम का फैसला देश की नीति के अनुरूप था।
खिलाड़ियों ने बिना ट्रॉफी लिए ही जीत का जश्न मनाया। यह फाइनल सिर्फ क्रिकेट के लिए नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच संबंधों में आए नए तनाव के लिए भी याद किया जाएगा। कुलदीप यादव को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।












