भारत। The India Speaks Desk
क्रिकेट में हर रिकॉर्ड मायने रखता है — चाहे वह सबसे ज्यादा रन का हो या सबसे ज्यादा बार ‘शून्य’ पर आउट होने का। आम तौर पर यह ‘अनवांटेड रिकॉर्ड’ निचले क्रम के गेंदबाजों के नाम होता है, लेकिन जब इसमें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक का नाम शामिल हो, तो चर्चा लाज़िमी हो जाती है।
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय डक का रिकॉर्ड तेज गेंदबाज जहीर खान (43 डक) और ईशांत शर्मा (40 डक) के नाम है। लेकिन अगर बात केवल विशेषज्ञ बल्लेबाजों की करें, तो यह अनचाहा रिकॉर्ड अब विराट कोहली के नाम दर्ज हो चुका है।
विराट कोहली: महानता के बीच एक चौंकाने वाला आँकड़ा
विराट कोहली ने अपने शानदार करियर में अनगिनत रेकॉर्ड तोड़े हैं — 80 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय शतक, 500 से ज़्यादा मैच, और बेमिसाल निरंतरता। मगर इसी करियर में अब उनके नाम एक ऐसा आँकड़ा भी जुड़ गया है, जो सुनने में थोड़ा ‘कड़वा’ लगता है —
कोहली अब तक लगभग 40 बार शून्य (डक) पर आउट हो चुके हैं।
एक ऐसे बल्लेबाज के लिए, जिसने भारत को सैकड़ों जीत दिलाई हों, यह आँकड़ा चौंकाने वाला है। मगर इसके पीछे ठोस क्रिकेटीय कारण भी हैं —
- लंबा करियर और निरंतरता: कोहली ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 500+ मैच खेले हैं। इतने मैच खेलने के बाद डक का आंकड़ा बढ़ना सांख्यिकीय रूप से स्वाभाविक है।
- तीनों फॉर्मेट में सक्रियता: कोहली ने टेस्ट, वनडे और टी20 — तीनों फॉर्मेट में बराबर योगदान दिया है।
- आक्रामक खेलभावना: कई बार तेज़ शुरुआत या बड़ी पारी की कोशिश में शुरुआती विकेट गंवाना इस रिकॉर्ड का कारण बन गया।
“हर महान खिलाड़ी कभी न कभी शून्य पर आउट होता है — फर्क सिर्फ़ इस बात का है कि वो अगले मैच में कैसे वापसी करता है।”
— The India Speaks Sports Analysis Team
इन बल्लेबाजों के नाम भी हैं इस सूची में
यदि केवल शीर्ष क्रम के विशेषज्ञ भारतीय बल्लेबाजों को शामिल किया जाए, तो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक बार शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ी इस प्रकार हैं —
क्रम खिलाड़ी कुल डक (शून्य) खेले गए मैच
1 विराट कोहली 40 500+
2 सचिन तेंदुलकर 34 664
3 रोहित शर्मा 34 450+
4 राहुल द्रविड़ 31 500+
5 सौरव गांगुली 29 400+
यह सूची बताती है कि चाहे खिलाड़ी कितना भी बड़ा क्यों न हो, ‘डक’ से कोई नहीं बच पाता।
क्रिकेट का यही अनोखा आकर्षण है — जहाँ एक शतक और एक ‘शून्य’ दोनों ही इतिहास में दर्ज हो जाते हैं।












