कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन, सड़क को कब्जा मुक्त कराने की रखी मांग
इंदौर। The India Speaks Desk
इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र और जूनी इंदौर तहसील के अंतर्गत आने वाली आनंदी नगर कॉलोनी में एक गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। यहां की करीब 50 साल पुरानी मुख्य सड़क पर अवैध कब्जे की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों ने सड़क के हिस्से पर निर्माण कर लिया है, जिससे उनका आवागमन मुश्किल हो गया है।
सैकड़ों रहवासी पहुंचे कलेक्टर कार्यालय
बढ़ती परेशानी से परेशान आनंदी नगर कॉलोनी के सैकड़ों रहवासी बुधवार को जिला प्रशासन के पास पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर इंदौर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें कब्जाधारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन की प्रतियां जूनी इंदौर तहसीलदार कमलेश कुशवाहा और इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के सीईओ को भी दी गईं।
“यह सड़क हमारी कॉलोनी की पहचान है, इसे किसी भी कीमत पर कब्जा नहीं करने देंगे। प्रशासन को तुरंत कदम उठाना चाहिए।”
— रहवासी संघ, आनंदी नगर
“सड़क है जीवनरेखा” – रहवासियों की गुहार
रहवासियों ने बताया कि यह सड़क करीब पांच दशक पुरानी है और पूरे आनंदी नगर की जीवनरेखा मानी जाती है। अब सड़क के एक बड़े हिस्से पर अवैध निर्माण होने से वाहनों की आवाजाही रुक गई है और बुजुर्गों, बच्चों तथा आपातकालीन वाहनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि भू-माफियाओं ने सुनियोजित तरीके से सड़क पर निर्माण कर लिया है, जिससे कॉलोनी का विकास ठप हो गया है और विवाद की स्थिति बन रही है।
रहवासियों ने रखी तीन प्रमुख मांगें
ज्ञापन में रहवासियों ने प्रशासन से तीन मुख्य मांगें रखीं —
1️⃣ सड़क को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाए।
2️⃣ कब्जा करने वालों पर FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
3️⃣ तहसीलदार और IDA अधिकारी संयुक्त निरीक्षण कर सड़क की सीमा का सीमांकन करें।
अगर समाधान नहीं तो हो सकता हैं आंदोलन
इस मामले प्रशासन ने अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, जूनी इंदौर तहसीलदार कार्यालय की ओर से आश्वासन मिला है कि जल्द मौके पर निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।
रहवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर समय पर कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।
इस मौके पर भाजपा नेता शुभम बिल्लौरे, पत्रकार निर्मल रोकड़े, सामाजिक कार्यकर्ता चिंटू फरकले, मन्सुर पटेल, मुकेश नीमा, हेमंत राठौर, असलम पटेल, सत्तार पटेल, मनोज सनोरे, मुन्सी पटेल, अखलेश कनाडे, हनिफ पटेल, कालू भमोरे समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।












