रिपोर्ट: जबलपुर/ गुरुवार 23 अक्टूबर 2025
द इंडिया स्पीक्स डेस्क
साइबर ठगों ने अब धोखाधड़ी के लिए एक नया और अनोखा तरीका ईजाद किया है— ‘डिजिटल ब्लैकमेलिंग’। जबलपुर में एक जाने-माने सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर से उनके कंटेंट पर ‘डिजिटल स्ट्राइक’ की धमकी देकर और अकाउंट बंद कराने का डर दिखाकर 50 लाख रुपये की भारी भरकम राशि ठग ली गई है।
कौन हैं पीड़ित इन्फ्लूएंसर?
पीड़ित की पहचान अज़ीम अहमद के रूप में हुई है, जो पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर से डिजिटल उद्यमी बने हैं। उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर, विशेषकर इंस्टाग्राम पर, 57 मिलियन (5.7 करोड़) से अधिक फॉलोअर्स हैं। उनका डिजिटल अकाउंट उनकी आय का मुख्य स्रोत है।
ठगी का पूरा जाल (The Digital Strike Racket)
- कंटेंट चोरी का फर्जी आरोप: ठगों ने पिछले लगभग एक साल से अज़ीम को धमकाना शुरू किया। उन्होंने दावा किया कि अज़ीम के कुछ पोस्ट और सामग्री उनके (ठगों के) कंटेंट की चोरी हैं।
- ‘डिजिटल स्ट्राइक’ का डर: ठगों ने धमकी दी कि अगर उन्हें पैसे नहीं दिए गए, तो वे अज़ीम के अकाउंट्स पर लगातार ‘कॉपीराइट स्ट्राइक’ करके उन्हें स्थायी रूप से बंद (Ban/Delete) करवा देंगे।
- ₹50 लाख की वसूली: डर के मारे, अज़ीम अहमद ने ब्लैकमेल करने वालों को अलग-अलग किस्तों में कुल 50 लाख रुपये ऐंठ लिए।
- मध्यस्थ बनकर उगाही: ठग, जो खुद को पुणे का ‘बिचौलिया’ (Mediator) बताते थे, फर्जी स्ट्राइक हटाने के नाम पर भी 25,000 से 30,000 रुपये की मांग करते थे।
साइबर सेल में शिकायत
ठगों द्वारा लगातार पैसे मांगे जाने और फिर से तीन अकाउंट बंद करने की धमकी मिलने पर, इन्फ्लूएंसर अजीम अहमद ने जबलपुर साइबर सेल में मामले की शिकायत दर्ज कराई।
साइबर पुलिस ने इस मामले को अपने तरह का पहला और अनोखा साइबर अपराध बताया है, जिसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना दर्शाती है कि डिजिटल दुनिया में कॉपीराइट और कंटेंट विवाद की आड़ में ब्लैकमेलिंग का एक खतरनाक रैकेट पनप रहा है।
ठगों को पकड़ने और ठगी गई राशि की वसूली के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय हैं।












