खरगोन, बड़वाह, 2 जुलाई 2025 | रिपोर्ट: लोकेश कोचले (The India Speaks)
ग्राम पंचायत कदवालिया की अनुसूचित जाति बस्ती में सन् 2018 में स्वीकृत सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य छह वर्षों बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। शासन द्वारा “सघन बस्ती विकास योजना” के अंतर्गत इस कार्य के लिए ₹8 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी। वर्ष 2019 में इसका निर्माण प्रारंभ हुआ, और ₹6.34 लाख की राशि का मूल्यांकन भी किया जा चुका है। बावजूद इसके, भवन आज तक पूर्ण नहीं हो पाया है, जिससे योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
भवन बना शौचालय, गंदगी फैली – जनस्वास्थ्य खतरे में
ग्रामीणों का कहना है कि अधूरा भवन अब शौच क्रिया के उपयोग में आ रहा है। इसमें चारों ओर गंदगी, बदबू और मच्छरों का प्रकोप है, जिससे बीमारियों की आशंका बनी हुई है। भवन तक पहुंचने का कोई समुचित रास्ता भी नहीं बनाया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि योजना बनाते समय ही गंभीर लापरवाही बरती गई। इसके साथ ही यह शौचालय योजना की भी पोल खोल रहा है|


ग्राम पंचायत के सामुदायिक भवन में ग्रामीण कर रहे शौच
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इस मामले में शासन द्वारा स्वीकृत राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया, यह बड़ा सवाल बन गया है। जनता की नजरों में यह एक भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण है। ग्रामवासियों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर इस परियोजना को जानबूझकर अधूरा छोड़ा गया है और अब तक कोई भी जवाबदेही तय नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस विषय में:
तथ्यात्मक जांच कराए,
लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई करे,
और भवन का कार्य शीघ्र पूरा करवाकर उपयोग हेतु ग्रामवासियों को सौंपा जाए।
इस मुद्दे को लेकर आवेदन पत्र जनपद पंचायत बड़वाह के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपा गया है, जिसमें दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस अनदेखी को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है या फिर यह भवन यूं ही वर्षों तक भ्रष्टाचार की नज़ीर बना रहेगा।
यह खबर जनहित में प्रकाशित की जा रही है। यदि आपके गांव/वार्ड में भी ऐसी कोई लापरवाही या योजना का दुरुपयोग हो रहा है, तो आप ‘The India Speaks’ को सूचित करें1












