ग्रामीणों ने कहा — रोज़मर्रा के आवागमन पर शुल्क वसूली गरीब किसानों के साथ अन्याय
बड़वाह। The India Speaks Desk
वन विभाग बड़वाह द्वारा लगाए गए नाके पर स्थानीय किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों से “पर्ची शुल्क” वसूले जाने के विरोध में बुधवार को जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
संगठन के पदाधिकारियों ने वन मंडलाधिकारी (DFO) कार्यालय, बड़वाह पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और ग्रामीणों से जबरन वसूली को तत्काल बंद करने की मांग की।
जयस संगठन द्वारा दिए गए आवेदन (क्रमांक: 25/JAYS/2025, दिनांक: 05/11/2025) में कहा गया है कि वन विभाग द्वारा ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों से रोज़मर्रा के आवागमन पर ‘पर्ची शुल्क’ के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है।
ज्ञापन में निम्न मुख्य बिंदु शामिल हैं —
- स्थानीय ग्रामीणों और नगरवासियों से प्रतिदिन आवागमन पर पर्ची शुल्क वसूलना अनुचित है।
- स्थानीय नागरिकों, किसानों और मजदूरों को इस शुल्क से मुक्त किया जाए।
- नाके पर सूचनात्मक बोर्ड लगाए जाएं ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी या अवैध वसूली न हो।
- यदि विभाग द्वारा यह वसूली बंद नहीं की गई, तो जयस संगठन और ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान जयस पदाधिकारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
ज्ञापन सौंपने वालों में नगर अध्यक्ष नानू डावर, लखन अर्वे, मनोज सोलकी, मंशाराम तंवर, चेतम मंडलोई, पाचू रावत, विशाल चौहान, प्रकाश उइके, दिलीप ठाकुर, रंजीत बामनिया, रोशन नरेन्द्र, राजू सूर्यवंशी, देवसूर सहित कई अन्य ग्रामीण और कार्यकर्ता शामिल रहे।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विभाग से मांग की कि स्थानीय लोगों से किसी भी प्रकार की शुल्क वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए।
📞 7772828778 | 7723024600
जयस पदाधिकारियों ने कहा कि यदि वन विभाग द्वारा यह शुल्क वसूली जारी रही, तो संगठन इसे जिला स्तर तक आंदोलन के रूप में उठाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता अपने अधिकारों के लिए एकजुट है और आगे भी इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।












