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The India Speaks की लगातार जांच के बाद प्रशासन सक्रिय, शराब कंपनी पर बढ़ी निगरानी

बड़वाह। The India Speaks Desk

The India Speaks द्वारा एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रेवरीज लिमिटेड, ग्राम खोड़ी से निकलने वाले DWGS अपशिष्ट को पशु आहार के रूप में बेचने और खेतों में गंदा पानी छोड़ने के मामले में लगातार खुलासे किए जा रहे थे। इन रिपोर्टों के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया और फैक्टरी का निरीक्षण किया गया।


कल SDM श्री सत्यनारायण दर्रो ने एक संयुक्त टीम गठित कर प्लांट का निरीक्षण किया। टीम में शामिल थे—

तहसीलदार शिवराम कनासे

पटवारी रेखा चौधरी

वेटनरी विभाग के अधिकारी

SDM दर्रो ने बताया—

“निरीक्षण के दौरान DWGS निकलते हुए नहीं पाया गया और न ही गंदा पानी छोड़ा जा रहा था।”


शिकायतकर्ता को प्लांट की वास्तविक लोकेशन की जानकारी, फिर भी गेट पर रोका गया

इस जांच के दौरान प्रशासन ने किसी भी तरह की पारदर्शिता नहीं दिखाई।
सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि—

शिकायतकर्ता लोकेश कोचले को प्लांट की वास्तविक लोकेशन का पूरा ज्ञान है, क्योंकि कुछ माह पहले जब
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इंदौर कार्यालय के प्रभारी अधिकारी अंकित बघैल निरीक्षण पर आए थे, तब कंपनी के द्वारा उन्हें DWGS के बजाय DDGS प्लांट दिखाया गया था।

लेकिन उस समय शिकायतकर्ता लोकेश कोचले मौके पर मौजूद थे और उन्होंने अधिकारियों को सही DWGS प्लांट तक खुद ले जाकर दिखाया था।

इसके बावजूद इस बार प्रशासन ने उन्हें गेट पर रोक दिया, जिससे बड़ा सवाल खड़ा होता है—
जब जिसे सही जानकारी है उसे ही रोक दिया जाए, तो प्रशासन असल प्लांट तक कैसे पहुंचेगा?


प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय प्रशासन के बयान में विरोधाभास

कुछ दिन पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी सतीश चौकसे ने निरीक्षण कर बताया था कि—

“प्लांट चालू पाया गया।”

इसके बावजूद प्लांट को सील नहीं किया गया और मीडिया से कहा गया कि—
“कंपनी को थोड़ा समय दिया जाए।”

इसी ढील का परिणाम है कि आज भी DWGS की गाड़ियां पूरे क्षेत्र में धड़ल्ले से घूम रही हैं और जहरीला अपशिष्ट पशुओं को आहार के रूप में बेचकर मुनाफा कमाया जा रहा है।


क्या सड़कों पर चल रही DWGS गाड़ियों पर कार्रवाई होगी?

The India Speaks ने जब यह सवाल SDM दर्रो से पूछा, तो उन्होंने कहा—

“टीम गठित की जाएगी। कोई भी गाड़ी DWGS लेकर घूमती मिली तो तत्काल कार्रवाई करेंगे।”

अब देखना होगा कि प्रशासन और प्रदूषण बोर्ड की विरोधाभासी रिपोर्टों के बीच वास्तविक कार्रवाई होती है या नहीं।


जनता के सवाल अब भी बरकरार

क्या शराब कंपनी मानव स्वास्थ्य के हित में यह जहरीला DWGS बेचना बंद करेगी?

क्या प्रशासन सड़कों पर घूम रही अवैध DWGS गाड़ियों पर रोक लगाएगा?

कई सालों से चल रहे इस अवैध व्यापार पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

जनता इस पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है।

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