मिशन अमृत संचय कार्यशाला में कलेक्टर ने दिए सख्त और प्रेरक निर्देश
खंडवा। अनिल चौरसिया। The India Speaks Desk
मिशन अमृत संचय के तहत जल संरक्षण को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को किशोर कुमार सभागृह में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने जिले के सभी सरपंचों, पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों से अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण को केवल अभियान नहीं, बल्कि अपनी आदत और जनआंदोलन बनाएं।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि पंचायत स्तर के अधिकारी और जनप्रतिनिधि सुबह से ही गांवों का भ्रमण करें। यदि कोई ग्रामीण जल का दुरुपयोग या अपव्यय करता हुआ पाया जाए, तो उसे तत्काल रोका जाए और आवश्यकतानुसार स्पॉट फाइन भी लगाया जाए।
“जल संरक्षण सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं, यह सामाजिक कर्तव्य है। अगर हम आज नहीं चेते, तो आने वाली पीढ़ियों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ग्रामीणों से जलकर की वसूली सुनिश्चित की जाए, जिससे पंचायत की आय में भी वृद्धि हो सके।
कलेक्टर ने घोषणा की कि जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों, सरपंचों, सचिवों एवं ग्राम रोजगार सहायकों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है, जिनका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने बताया कि लोगो डिजाइन, मैस्कॉट डिजाइन और स्लोगन लेखन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर प्रतिभागी 10 हजार रुपये तक के पुरस्कार जीत सकते हैं। इन प्रतियोगिताओं में 22 दिसंबर तक कोई भी नागरिक भाग ले सकता है।
कार्यशाला में जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने पुरस्कारों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि— सर्वश्रेष्ठ एनजीओ को ₹50,000, बेस्ट स्कूल/कॉलेज, उद्योग, नागरिक, धार्मिक संस्था, शासकीय कर्मचारी और विभाग को ₹50-50 हजार तथा जिले की सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत प्रथम: ₹2 लाख, द्वितीय: ₹1.5 लाख, तृतीय: ₹1 लाख इसके अतिरिक्त प्रत्येक विकासखंड में तीन सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार राशि में 50% सरपंच, जबकि 25-25% सचिव और ग्राम रोजगार सहायक को प्रदान की जाएगी।
नगर निकायों और अधिकारियों के लिए भी पुरस्कार
नगर निगम एवं नगर परिषद क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ वार्ड को ₹1 लाख, ₹50 हजार और ₹25 हजार, प्रत्येक विकासखंड में सर्वश्रेष्ठ उपयंत्री: ₹25 हजार, सर्वश्रेष्ठ जनपद पंचायत सीईओ: ₹1 लाख, सर्वश्रेष्ठ सहायक यंत्री: ₹75 हजार,सर्वश्रेष्ठ मुख्य नगर पालिका अधिकारी: ₹1 लाख का पुरस्कार दिया जाएगा।
कार्यशाला में जल संरक्षण को लेकर जिलेभर में व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।












