The India Speaks की रिपोर्टिंग का असर, जिला पंचायत सदस्य ओमप्रकाश सावले ने प्रशासन को घेरा
बड़वाह। The India Speaks Desk
बड़वाह स्थित Associated Alcohol & Breweries Limited द्वारा DWGS के नाम पर कथित रूप से बिना प्रोसेस्ड डिस्टिलरी वेस्ट को पशु आहार के रूप में बेचने का मामला अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। The India Speaks की लगातार और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग के बाद अब जनप्रतिनिधि भी खुलकर सामने आने लगे हैं।
खरगोन जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-16 से निर्वाचित सदस्य ओमप्रकाश सावले ने इस गंभीर पर्यावरणीय और जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे को जिला पंचायत की आगामी साधारण सभा में उठाने के लिए औपचारिक आवेदन प्रस्तुत किया है।
जिला पंचायत आमसभा में उठेगा DWGS का मुद्दा


जिला पंचायत को दिए गए आवेदन क्रमांक 318/जि.पं./16/2026 (दिनांक 14 जनवरी 2026) में श्री सावले ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि—
- कंपनी ZLD (Zero Liquid Discharge) नियमों का घोर उल्लंघन कर रही है
- DWGS के नाम पर अनट्रीटेड स्टिलेज / स्पेंट वॉश को पशु चारे के रूप में बेचा जा रहा है
- यह कार्य न केवल पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पशु और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है
यह आवेदन मध्यप्रदेश पंचायत (सम्मिलन की प्रक्रिया तथा कामकाज का संचालन) नियम 1994 की धारा 12 के तहत प्रस्तुत किया गया है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्रेन-बेस्ड डिस्टिलरी होने के बावजूद—
- अपशिष्ट को डिकैंटेशन, एवेपोरेशन और ड्राइंग की प्रक्रिया से नहीं गुजारा जा रहा
- बिना सुखाए गए गीले अपशिष्ट को ही पशुआहार बताकर बेचा जा रहा है
- यह प्रक्रिया BIS IS 2052:2009 और CPCB दिशानिर्देशों का सीधा उल्लंघन है
पशु और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे की चेतावनी
आवेदन में वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें—
- अधिक सल्फर से Polioencephalomalacia (PEM) जैसी घातक बीमारी
- माइकोटॉक्सिन्स से लीवर डैमेज, प्रजनन समस्याएं
- दूध में Aflatoxin M1 के माध्यम से मनुष्यों तक ज़हर पहुंचने की आशंका
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां डेयरी आजीविका का प्रमुख साधन है, इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा बताया गया है।
कानूनी धाराओं का स्पष्ट उल्लेख, कार्रवाई की मांग
आवेदन में कई कानूनों के उल्लंघन की बात कही गई है जिनमें
Water Act, 1974 (धारा 25, 43), Environment Protection Act, 1986 (धारा 5, 15), CPCB ZLD Guidelines, FSSAI और Food Safety Act, 2006 (धारा 59) शामिल हैं। इसके साथ ही मांग की गई है कि
इस विषय को आमसभा के एजेंडे में शामिल किया जाए व
कंपनी के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच के लिए प्रस्ताव पारित किया जाए
The India Speaks की रिपोर्टिंग से बढ़ा प्रशासनिक दबाव
गौरतलब है कि The India Speaks पिछले कई महीनों से
DWGS के अवैध परिवहन, ZLD उल्लंघन, CPCB जांच से पहले साक्ष्य मिटाने के आरोप जैसे मुद्दों को लगातार उजागर करता आ रहा है। अब जब यह मामला जिला पंचायत की आमसभा तक पहुंच गया है, तो यह साफ हो गया है कि यह मुद्दा दबने वाला नहीं है।
जनप्रतिनिधि के आधिकारिक हस्तक्षेप के बाद अब निगाहें जिला पंचायत प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर टिकी हैं। बड़ा सवाल यही है—
क्या अब ठोस कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?












