विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए कीर्तन, साखियाँ और कविताएँ — गुरु नानक देव जी के उपदेशों से गूंजा विद्यालय परिसर
करनाल। राजेंद्र करनाल | The India Speaks
करनाल के दून इंटरनेशनल स्कूल में प्रथम पातशाही श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश उत्सव पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को गुरुभक्ति, मानवता और सेवा की भावना से सुसज्जित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत शब्द गायन और कीर्तन से हुई, जिसमें दून इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने अपनी मधुर वाणी में गुरु भक्ति के भावों को प्रस्तुत किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने गुरु नानक देव जी के जीवन और उपदेशों पर आधारित भाषण, कविताएँ और साखियाँ सुनाकर पूरे वातावरण को आध्यात्मिकता से सराबोर कर दिया।
विद्यालय प्रांगण में भव्य नगर कीर्तन भी प्रतीक स्वरूप निकाला गया, जिसमें छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भक्ति भाव से भाग लिया। पुष्प वर्षा के बीच गुरु नानक देव जी के उपदेशों की गूंज पूरे परिसर में सुनाई दी।
“गुरु नानक देव जी का संपूर्ण जीवन मानवता, समानता और एक ईश्वर की भक्ति के लिए समर्पित था। आज के युग में उनके उपदेश और भी प्रासंगिक हैं।”
— कुलजिंदर मोहन सिंह बाठ, प्रबंध निदेशक, दून इंटरनेशनल स्कूल करनाल
इस अवसर पर स्वर्णजीत कौर, रंजीत कौर, रूपिंदर कौर, प्रीत कौर और संदीप कौर का योगदान सराहनीय रहा। क्षेत्रवासियों और अभिभावकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए गुरु नानक देव जी की सार्वभौमिक शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जो समानता, एकता और सर्वधर्म सद्भाव का प्रतीक रहा। पूरा आयोजन निःस्वार्थ सेवा और गुरु भक्ति से ओतप्रोत रहा।












