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व्यापारियों की मनमानी से परेशान किसान बोले — फसल का नहीं मिल रहा उचित मूल्य, मंडी प्रशासन और CCI पर भी लगे आरोप

करही (खरगोन)। प्रभु रंसोरे/ The India Speaks Desk
भावांतर योजना और खरीदी में धांधली के खिलाफ करही में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसानों ने मंडी परिसर में पहुंचकर आंदोलन किया। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और एसडीएम साहिबा ने स्वयं पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। किसानों का आरोप है कि व्यापारी आपसी साठगांठ कर फसल के दाम अपनी मर्जी से तय करते हैं, जिससे किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता।


किसानों की नाराज़गी: “व्यापारी ओने-पोने दाम पर खरीदते हैं फसल”

किसानों ने बताया कि मंडी में गिने-चुने व्यापारी हैं जो आपस में बात करके फसल की बोली बहुत कम दाम से शुरू करते हैं।

“हमारी फसल की नीलामी सिर्फ 5 रुपये से शुरू होती है, जबकि यह कम से कम 10 रुपये से शुरू होनी चाहिए,” किसानों ने कहा।

किसानों का कहना है कि जब फसल तुलावटी होकर खाली की जाती है, तो व्यापारी माल को “गलत” बताकर भाव घटा देते हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।


अश्विन बिल्लोरे ने उठाई पुरानी शिकायतें

किसान नेता डॉ. अश्विन बिल्लोरे ने बताया कि कुछ साल पहले एक व्यापारी के काटे में त्रुटि पाई गई थी। आंदोलन के बाद उस समय कार्यवाही का आश्वासन मिला था, लेकिन आज तक कोई कदम नहीं उठाया गया।

“वही काटा आज भी चालू है, किसानों के साथ अन्याय लगातार जारी है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने यह भी मांग रखी कि सभी किसानों का माल मंडी में ही तौला जाए और खरीदी के बाद व्यापारी दामों में कमी न करें।


मंडी प्रशासन पर गंभीर आरोप — अवैध वसूली और लापरवाही

किसानों ने मंडी प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पंजीयन और अप्रूवल के नाम पर 50 से 100 रुपये तक अवैध वसूली की जाती है।
वाहन प्रवेश पर भी 5 से 10 रुपये लिए जाते हैं, जबकि पर्ची पर “शून्य” लिखा होता है। किसानों ने इसे “सीधी लूट” करार दिया।

किसानों का आरोप है कि मंडी नीलामी का समय भी मनमानी से बदला गया है। पहले 11 बजे शुरू होती थी, अब व्यापारी और प्रशासन की मिलीभगत से 12 बजे शुरू होती है।


CCI पर भी साठगांठ के आरोप

किसानों ने CCI (कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं कि वह किसानों से सीधे माल नहीं खरीदती।

“CCI व्यापारियों से मिली हुई है, किसानों से सस्ता कपास खरीदने के बाद वही कपास व्यापारियों से महंगे दामों में खरीदकर दिखावा करती है,” किसानों ने कहा।


पिछले वर्ष करोड़ों की लूट का मामला दोहराया गया

किसानों ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष एक व्यापारी ने करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा किया था — किसानों से फसल खरीदकर चेक दिए और पैसा लेकर फरार हो गया। किसानों का आरोप है कि मंडी प्रशासन इस मामले में पूरी तरह से शामिल था और उसके खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए।


एसडीएम ने दिया आश्वासन — जांच और बैठक का वादा

एसडीएम साहिबा ने किसानों से बातचीत में कहा कि यह मामला अब उनके संज्ञान में आया है।

“हम इसकी जांच करवाएंगे और उचित कार्रवाई करेंगे,” उन्होंने कहा।

उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि व्यापारियों और किसानों की बैठक बुलाकर समाधान निकाला जाएगा। CCI से भी बातचीत कर किसानों के हित में निर्णय लिया जाएगा।

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