5 फरवरी 2026 तक हरसूद, पंधाना, मूंदी और ओंकारेश्वर में बिना अनुमति जुलूस निकालना होगा अपराध
खण्डवा। The India Speaks Desk
खण्डवा जिले में प्रशासन ने जुलूस, रैली, धरना और प्रदर्शन जैसे आयोजनों पर सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री ऋषव गुप्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत बड़ा आदेश जारी करते हुए बिना अनुमति जुलूस, धरना और प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 5 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा।
किसी भी आयोजन से 15 दिन पूर्व अनुमति अनिवार्य
जारी आदेश के अनुसार –
कोई भी व्यक्ति या संगठन बिना अनुमति जुलूस, धरना या रैली नहीं निकाल सकेगा।
किसी भी आयोजन के लिए कम से कम 15 दिन पूर्व आवेदन करना अनिवार्य होगा।
यह प्रतिबंध विशेष रूप से हरसूद, पंधाना, मूंदी और ओंकारेश्वर नगरों में लागू है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आयोजन से आम जनता के आवागमन में बाधा उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी।
📞 7772828778 | 7723024600
आयोजकों को देनी होगी जानकारी — नाम, मोबाइल, फोटो, संख्या
कलेक्टर श्री गुप्ता द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि आयोजक को आवेदन के साथ निम्न जानकारियाँ देना आवश्यक होगा:
आयोजक का मोबाइल नंबर
फोटोग्राफ
रैली/जुलूस में शामिल होने वाले व्यक्तियों की संख्या
शामिल होने वाले दो पहिया और चार पहिया वाहनों की संख्या
इसके बिना रैली या जुलूस की अनुमति जारी नहीं होगी।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर भी सख्ती — रात 10 बजे के बाद प्रतिबंध
आदेश के अनुसार —
ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के उपयोग के लिए अलग से अनुमति लेनी होगी।
रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सार्वजनिक भवनों, सड़कों, खम्बों के पास पोस्टर–बैनर–झंडे लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
जुलूस की वीडियोग्राफी अनिवार्य — खर्च आयोजक वहन करेगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि—
रैली या जुलूस की वीडियोग्राफी कराना अनिवार्य होगा।
यह वीडियोग्राफी पुलिस विभाग के निर्देशन में कराई जाएगी।
वीडियोग्राफी का व्यय आयोजक को ही देना होगा।
रैली में शामिल वाहनों में ओवरलोडिंग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।
खण्डवा शहर घोषित हुआ ‘नो ड्रोन ज़ोन’
विभिन्न धर्मावलंबियों द्वारा आयोजित जुलूस, शोभायात्रा, धरना और समारोहों के दौरान खण्डवा शहर को ‘नो ड्रोन ज़ोन’ घोषित किया गया है।
आदेश का उल्लंघन होने पर संबंधित व्यक्ति पर BNSS की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।











