करही (खरगोन)/(रिपोर्ट: प्रभु रंसोरे)
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के निर्देशानुसार आगामी 12, 13 और 14 अक्टूबर 2025 को होने वाले पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों के मद्देनजर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) करही में बूथ स्तरीय वैक्सीनेटर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस अभियान में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।
अभियान का कार्यक्रम और महत्व
यह प्रशिक्षण संस्था प्रभारी डॉक्टर साऊ जोशी और मेडिकल ऑफिसर डॉ. आकाश पाटीदार की उपस्थिति में आयोजित हुआ। विकासखंड महेश्वर की बी.सी.एम. श्रीमती मीनाक्षी मुहाले ने वैक्सीनेटर्स को ट्रेनिंग दी।
- 12 अक्टूबर (रविवार): यह दिन पोलियो रविवार के रूप में मनाया जाएगा, जिस दिन बच्चों को पोलियो बूथ पर दवाई पिलाई जाएगी।
- 13 अक्टूबर (सोमवार) एवं 14 अक्टूबर (मंगलवार): इन दो दिनों में स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को खुराक पिलाएंगे।
प्रशिक्षण के दौरान वैक्सीनेटर्स को पोलियो ड्रॉप्स को 45 डिग्री के एंगल से पिलाने, बच्चे की लिटिल फिंगर पर निशान लगाने, वीवीएम (वैक्सीन वायल मॉनिटर) की जानकारी और कोल्ड चैन मेंटेन करने के महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
खरगोन जिले पर विशेष ध्यान क्यों?
यह पल्स पोलियो अभियान मध्य प्रदेश के केवल 18 जिलों में आयोजित हो रहा है, जिसमें खरगोन जिला भी शामिल है। इसका मुख्य कारण यह है कि पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो के केस रिपोर्ट हो रहे हैं। इसके अलावा, खरगोन जिले की महाराष्ट्र राज्य से सटी सीमा के कारण खंडवा और खरगोन जिलों को इस अभियान के लिए चयनित किया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।
प्रशिक्षण में इस बात पर जोर दिया गया कि बस स्टैंड और ट्रांसिट बूथों पर बाहर से आने वाले बच्चों पर अधिक ध्यान दिया जाए और उन्हें पोलियो की दवाई पिलाई जाए। साथ ही, पोलियो बूथों का विधिवत उद्घाटन करवाने के लिए भी कहा गया।
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अपील और उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में करही पाडल्या का समस्त मैदानी स्टाफ, सेक्टर सुपरवाइजर मनोज कुशवाह, डी. ई.ओ. अमित कुमार नेभानी, सेक्टर करही पाडल्या के सी. एच. ओ., ए. एन. एम., आशा कार्यकर्ता, आशा सहयोगी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समेत सभी स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
संस्था प्रभारी डॉ. साऊ जोशी ने करही क्षेत्र के आमजन से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में 0 से 5 वर्ष के समस्त बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो की दवाई पिलवाएं, ताकि पोलियो से सुरक्षा का चक्र कहीं भी टूटने न पाए।












